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गुरुवार, अक्टूबर 26, 2023

जल जीवन मिशन : रानाखुज्जी–भरनाभाट में विवाद तो वहीं आलीवारा में बोरवेल न होने के कारण रुका हुआ है कार्य....अन्य कई ग्रामों में अबतक कार्य अधूरा


जल जीवन मिशन के नाम पर किया जा रहा बंदरबांट,
लोगों के घर तक पानी पहुंचाने के नाम पर ले लिए आधार कार्ड,
न नल लगा,न मिला जल





स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार
*दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)*
25/10/2023

जेजेएम घर–घर पानी पहुंचाने की योजना में,

ठेकेदारों के निकल रहे पसीने...

करोड़ों की योजना का हो रहा बंदरबांट


देवरी तहसील:– 
देवरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रानाखुज्जी  आलीवारा एवं भरनाभाट  में चल रहे  जेजेएम योजना अंतर्गत कार्य अबतक अधूरा है।अलग अलग ग्रामों में अलग  अलग कारणों के चलते  कार्य अधूरा पड़ा है। रानाखुज्जी के ग्रामीणों  ने बताया कि सरकारी जगह में पानी टंकी  बनाने की विवाद अब तक सुलझ नहीं पाया है मामला कोर्ट में पेंडिंग है। विवाद का मुख्य कारण सरकारी जगह पर बन रहे पानी टंकी पर आपत्ति लगाने को लेकर है जिसके चलते कार्य रुका हुआ है। जिस जगह पर टंकी बनना था वह जगह पीडब्ल्यूडी का है, जिसे ग्रामीणों और सरपंच ने चुना था।

 उपरोक्त चिन्हांकित जगह   गैंदलाल भूआर्य की जमीन से लगा हुआ है, जिसमें  मकान बना हुआ है।

टंकी बनने  से रास्ता बंद हो जाने की आशंका के चलते गैंदलाल के पिता रामविलास भुआर्य ने  ग्राम पंचायत में आपत्ति दर्ज कराई है।  वही सरपंच पोषण बाई का कहना था की टंकी  सरकारी जगह पे बन रहा था। इसमें   उनका आपत्ति करना  अनुचित है। टंकी  उसी जगह पर बनना चाहिए।

अतः दोनो   पक्षों के  मतभेद के चलते ठेकेदार   लूनिया ने काम अधूरा करने के बाद  हाथ खड़ा कर दिया है।

जबतक विवाद खत्म नहीं हो जाता कार्य करने से मना कर दिया है। अबतक मामला  पेंडिंग है। जिसके चलते कार्य  अधूरा। पड़ा  है।

वही भरनाभाट में मैटेरियल में   कमी जैसे  सरिया सीमेंट इत्यादि में  कम मात्रा डालने के चलते कुछ ग्रामीणों से विवाद होने के कारण अबतक पानी टंकी नही बन  पाया  और  अधूरा  ही रह गया है।

ऐसे ही मामले आलीवारा में भी कार्य चल ही रहा था कनेक्शन   पूरा हो चुका है  टंकी भी कंप्लीट हो चुका है लेकिन   टंकी में पानी पहुंचाने के लिए  बोरवेल नहीं होने के कारण  घरों तक पानी नहीं पहुंच  पाया  है।

ऐसे में देखा जाए तो जेजेएम मिशन असफल होते नजर आ रहा है।

इन्ही सब मामलों को देखते हुए डूमरघुंचा  के ग्रामीणों में भी आशंका   है की  कहीं यहां भी कार्य अधूरा न हो जाए।

इस बात पर ग्रामीणों को दिलासा देते हुए ग्राम पंचायत भरनाभाट के उपसरपंच तिलक साहू ने बताया कि आसपास के ग्रामों जैसा यहां कोई विवाद की स्थिति  नही  होगी। और  काम 100% होने के स्पष्टीकरण पहले ही दे दी है।



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गुरुवार, नवंबर 24, 2022

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुआ संपन्न

श्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई


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*दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)*





श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक में भर्ती निर्णय लिया गया। 


जिला खनिज संस्थान न्यास से विरोध अधोसंरचना के कार्याएं पर व्यय शुल्क न्यास फंड में राशि प्राप्त करने से निश्चित प्रतिशत राशि के बंधन से मुक्त किए जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान नियम 2015 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। 
 
इसके तहत डेमोकेप के अन्य प्राथमिकता में उपलब्ध राशि का 20 प्रतिशत सामान्य क्षेत्र में और 40 प्रतिशत खुले क्षेत्र में प्रदर्शन किए जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है, इससे अधोसं की रचना की गति बढ़ती है जिससे प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेजी से होगा।


नई मछली पालन नीति में संशोधन किए जाने के विभागीय आदेश का मंत्रिपरिषद द्वारा पुष्टि की गई। अब मछली पालने के लिए तालाब/जलाशय की नीलामी नहीं होगी। तालाब/जलाशय 10 साल के लिए नीचे दिए गए हैं। तालाब/जलाशय के पट्टे आबंटन में सामान्य क्षेत्र में ढीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह से जुड़ी जनजाति क्षेत्र में शामिल जनजाति वर्गों के मछुआ समूह एवं मत्स्य संबद्धता समितियों को प्राथमिकता दी जाएगी।


संशोधन प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण तालाब के मामले में अधिकतम एक हेक्टेयर के क्षेत्र पर आधा और सिंचाई जलयोजन के मामले में 4 हेक्टेयर के क्षेत्र में प्रति व्यक्ति/प्रति व्यक्ति के मान से जल क्षेत्र का प्रावधान किया गया है। फिश पालन के लिए अपराधियों का आडिट अब सहकारिता एवं फिश पालन विभाग की संयुक्त टीम।


राज्य शासन छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ एवं निजी संबंधों के मध्य सम्पादित त्रिपक्षीय माययू के आधार पर स्थापित वनोपज आधारित जिल्दों द्वारा जो उत्पाद निर्मित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के तहत 40 प्रतिशत की छूट के साथ निगरानी करते हुए संजीवनी एवं अन्य माध्यमों से फ्लोटिंग शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इस फैसले के मिलने से जो वनोपज आधारित उत्पादों का निर्माण करना चाहते हैं उन्हें बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हर्बल के तहत अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद का होना संभव है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा, स्रोत प्रविष्टियां, अनुसूचित फाइलें और अन्य चूक त्रुटियों के लिए संक्षिप्त विवरण 2022 के प्रस्ताव की पुष्टि की गई।
छत्तीसगढ़ विवरण संस्थान में प्रवेश में तथ्य संशोधन के प्रस्ताव का विवरण दिया गया है।


दूसरा अनुमान बजट वर्ष 2022-23 का विधानसभा में स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग अन्य 2022 का निर्माण किया गया।
ग्राम सेरीखेड़ी रायपुर पटवारी लोक संख्या 77 में स्थित शासकीय भूमि 9.308 हेक्टेयर भूमि का आबंटन प्रस्ताव की पुष्टि की गई।
प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में सामान्य प्रकृति के प्रकरणों को लेकर जनहित में वापस जाने के लिए निर्धारित अवधि 31 दिसंबर 2017 को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2018 करने के प्रस्ताव की पुष्टि की गई।
 
अजमेर जी के स्वैच्छिक राशिदान 70 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया गया।


भारत सरकार के संशोधन के अनुसार भौगोलिक भौगोलिक खंड 6 क्रमांक 4 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

मंगलवार, नवंबर 22, 2022

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा में सिजेरियन ऑपरेशन का नया कीर्तिमान

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा में सिजेरियन ऑपरेशन का नया कीर्तिमान

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*दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)*
दुर्ग 22 नवंबर 2022




सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा में 21 नवंबर को पहली बार दुर्ग जिले के तीनों ब्लाकों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धमधा में एक ही दिन 10 हाई रिस्क गर्भवती माताओं का सिजेरियन ऑपरेशन द्वारा प्रसव कराया गया। सभी जच्चा एवं बच्चा सुरक्षित एवं स्वस्थ हैं। डॉ. जे पी मेश्राम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग के मार्गदर्शन एवं डॉ. डीपी ठाकुर खंड चिकित्सा अधिकारी धमधा के नेतृत्व में डॉ. रचना अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिशा ठाकुर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शीतल यादव एवं मीना पारकर स्टॉप प्रमुख मिथिलेश गौर,अंजू इक्का,आशीष दास,स्टाफ नर्स कविता वर्मा, ओटी अटेंडेंट बिंदा ठाकुर, हीरो दी ठाकुर, मुकेश निर्मलकर, शिव कुमार सिन्हा द्वारा ऑपरेशन कक्ष में विशेष सहयोग कर पद अनुसार सराहनीय कार्य संपादन किया गया। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बृजेश सिंह क्षत्रिय द्वारा टीम को सुगमता पूर्वक कार्य संपन्न करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दिए।




गुरुवार, नवंबर 03, 2022

खैरागढ़ : किसानों को मिलेगी प्रति क्विंटल 79.50 रूपए की प्रोत्साहन राशि

किसानों को मिलेगी प्रति क्विंटल 79.50 रूपए की प्रोत्साहन राशि

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*दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)*
03/11/2022



गन्ना पेराई वर्ष 2020-21 में सहकारी शक्कर कारखानों को गन्ना बेचने वाले कृषकों को प्रति क्विंटल की मान से 84.25 रूपए प्रोत्साहन राशि दिए जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संशोधित आदेश जारी किया गया है। यह संशोधित आदेश 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में लिए गए निर्णय के परिपालन में जारी किया गया है। संशोधित आदेश के अनुसार गन्ना पेराई वर्ष 2020-21 की गन्ना प्रोत्साहन की शेष राशि 11 करोड़ 99 लाख रूपए का भुगतान भी किसानों को किया जाएगा।
इसी तरह गन्ना पेराई वर्ष 2021-22 में सहकारी शक्कर कारखानों में गन्ना बेचने वाले कृषकों को 79.50 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, परन्तु जिन गन्ना कृषकों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में इनपुट सब्सिडी दी गई है, उन्हें गन्ना प्रोत्साहन देय राशि से समायोजन किया जाएगा।  


रविवार, अक्टूबर 23, 2022

संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने एस.डी.एम. व तहसील कार्यालय बालोद का आकस्मिक निरीक्षण कर,राजस्व प्रकरणों की ली जानकारी

संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने एस.डी.एम. व कार्यालयों के कार्यालय की आकस्मिक स्थिति की जानकारी, राजस्वास्थ्य प्रकरणों की जानकारी 

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*दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)*
21/10/2022




संभागायुक्त दुर्ग संभाग श्री महादेव कावरे ने आज एस.डी.एम. व कार्यालयों के कार्यालय की आकस्मिकता प्रकरणों की जानकारी ली। अब तक दर्ज किए गए प्रकरण, निराकृत और प्रबंधन संबंधी प्रकरणों की जानकारी का प्रबंधन जल्द ही खराब हो जाएगा। अवलोकन के बाद के कार्यालय श्री कावरे ने विभाग के अधिकारी पंजी का भी विवरण दिया। संभागायुक्त ने पांजीसंसंधान में बेहूद बरते जाने पर विशेष रूप से पेस्ट किए गए कीट सहायक-03 हितेश कुमार साहू के विषय में प्रकाशित के निर्देश जारी किए। इस तरह के स्टाफ के कार्यालय में तैनात स्टाफ़ स्थिति घड़ी-06 के पहुॅचकर पंजी में बने होते हैं।
उन्होंने मुख्यालय पटवारी द्वारा अतिक्रमण पंजी का समुचित संधारण नहीं करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यालय पटवारी श्री आशीष शर्मा के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अतिक्रमण के प्रकरणों की भी जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न संधारित राजस्व पंजियों का अवलोकन किया और पंजी अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कानूनगो शाखा व भूईंया शाखा का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहॉ बी-1, नक्शा, मिशल रिकार्ड, नामांतरण पंजी, आर.बी.सी.6-4 के प्रकरणों सहित लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत् प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी ली। उन्होंने वहॉ राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु पहुॅचे ग्रामीणों से भी चर्चा की और उनके प्रकरण का निराकरण शीघ्र करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए।


रविवार, अक्टूबर 16, 2022

राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त के रूप में 24 लाख किसानों को 1745 करोड़ रूपए का भुगतान

राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त के रूप में 24 लाख किसानों को 1745 करोड़ रूपए का भुगतान

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के 4.66 लाख हितग्राहियों को 115.80 करोड़ रूपए का भुगतान


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*दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)*
16/10/2022




राजीव गांधी किसान न्याय योजना
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत वर्ष 2021-22 की तृतीय किस्त के रूप में 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को 1745 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें से धान की फसल लेने वाले 23 लाख 02 हजार 737 किसानों को 1679 करोड़ 59 लाख रूपए, अन्य फसल लेने वाले 01 लाख 98 हजार 754 किसानों को 60 करोड़ 97 लाख रूपए, धान के बदले अन्य फसल लेने वाले 17 हजार 523 किसानों को 04 करोड़ 38 लाख रूपए तथा वृक्षारोपण करने वाले 222 किसानों को 06 लाख रूपए की आदान सहायता का भुगतान किया जाएगा।

‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत खरीफ वर्ष 2019, खरीफ वर्ष 2020 और खरीफ वर्ष 2021 की दो किश्तों को मिलाकर किसानों को अब तक 14670 करोड़ 10 लाख रूपए की आदान सहायता दी जा चुकी है। 17 अक्टूबर को वितरित की जा रही योजना की तीसरी किश्त को मिलाकर यह राशि बढ़कर 16,415 करोड़ 10 लाख रूपए हो जाएगी। खरीफ वर्ष 2019 में धान उत्पादक 18 लाख 43 हजार 370 किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से 5627.02 करोड़ रूपए, खरीफ वर्ष 2020 में धान उत्पादक 20 लाख 59 हजार 068 किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से 5553.08 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। खरीफ वर्ष 2021 में धान सहित योजना में शामिल समस्त फसलों का उत्पादन करने वाले 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को दो किश्तों में 3490 करोड़ रूपए की आदान सहायता वितरित की जा चुकी है।

धान उत्पादक किसानों को आदान सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2019 से राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई। खरीफ वर्ष 2021 से कृषि एवं उद्यानिकी फसल उत्पादक किसानों को प्रति वर्ष 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि का प्रावधान रखा गया था। खरीफ वर्ष 2020-21 में यह प्रावधान किया गया कि किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किए गए रकबे में यदि धान के बदले सुगंधित धान, फोर्टिफाइड, अन्य अनाज, दलहन तिलहन, उद्यानिकी फसल ली जाती है तो सालाना प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह वृक्षारोपण करने पर लगातार तीन वर्ष तक प्रति एकड़ 10 हजार रूपए आदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के हित में लागू की गई इस योजना का प्रदेश की खेती-किसानी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। किसानों की संख्या और खेती के रकबे में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इस योजना से खरीफ वर्ष 2019 में लाभान्वित किसानों की संख्या 18 लाख 43 हजार 370 से बढ़कर खरीफ वर्ष 2021 में 23 लाख 99 हजार 615 हो गई है। छत्तीसगढ़ किसानों को सबसे अधिक आदान सहायता प्रदान करने वाला देश का अव्वल राज्य है। छत्तीसगढ़ की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को फसलों के आधार पर सालाना क्रमशः 9 हजार रूपए प्रति एकड़ तथा 10 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता दी जा रही है।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

मुख्यमंत्री श्री बघेल ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत आज जिन हितग्राहियों को अनुदान सहायता राशि का भुगतान करेंगे, उनमें वर्ष 2022-23 की द्वितीय किस्त के रूप में 3 लाख 54 हजार 744 हितग्राहियों को 2 हजार रूपए के मान से कुल 70 करोड़ 94 लाख 88 हजार रूपए का भुगतान, योजना के 86 हजार 162 नए सामान्य हितग्राहियों को वर्ष 2022-23 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रूपए के मान से 34 करोड़ 46 लाख 48 हजार रूपए की राशि तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लाभार्थी के रूप में शामिल बैगा, गुनिया, पुजारी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया श्रेणी के 25 हजार 974 हितग्राहियों को वर्ष 2022-23 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रूपए के मान से कुल 10 करोड़ 38 लाख 96 हजार रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे।

  गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि मजदूर के परिवारों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2021-22 में ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ प्रारंभ की गई है। इस योजना के 3 लाख 55 हजार 402 हितग्राहियों को 03 फरवरी 2022 को योजना की प्रथम किस्त तथा 31 मार्च 2022 को द्वितीय किस्त मिलाकर कुल 140 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2022-23 की प्रथम किश्त के रूप में 3 लाख 54 हजार 766 हितग्राहियों को 21 मई 2022 को 70 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए की राशि वितरित की गई थी। इस तरह इस योजना में अब तक हितग्राहियों को 210 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 17 अक्टूबर को वितरित की जा रही राशि को मिलाकर इस योजना में हितग्राहियों को वितरित राशि बढ़कर 326 करोड़ 75 लाख 64 हजार रूपए हो जाएगी। इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में हितग्राहियों को सालाना 6 हजार रूपए की अनुदान सहायता देने का प्रावधान रखा गया था, जिसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में संशोधन कर हितग्राहियों को सालाना तीन किस्तों में 7 हजार रूपए की अनुदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लाभार्थियों के रूप में पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया, पूर्व में छूटे हुए हितग्राहियों एवं नवीन आवेदकों को शामिल किया गया है।

मंगलवार, सितंबर 06, 2022

बिजली विभाग के कर्मचारियों ने दिखाई फुर्ती...

बिजली विभाग के कर्मचारियों ने दिखाई फुर्ती...जल्द आई रौशनी

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 *दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)*
05/09/2022


तेज आंधी के चलते दिन रात बिजली हुई गुल






देवरी–डूमरर्घुंचा/हरिभूमि खबर का हुआ असर, देर रात बिजली विभाग की टीम ने कर दिया कमाल, दो दिन से बिजली व्यवस्था ठप्प होने के बाद,देर रात बिजली विभाग की टीम लगातार डटे रहे,ग्रामीणों के घर रौशनी पहुंचाने के लिए।लगातार 48 घंटे के बाद जब बिजली कनेक्शन वापस आई तब लोगों के चेहरे पर खुशी ऐसे झलकने लगे मानो दिवाली हो,ग्रामीण झूम उठे बच्चे उछलने लगे। जिस तरीके से तूफान और बारिश ने कहर मचाई थी, ऐसा लग रहा था मानो सप्ताह भर तो बिजली तार जोड़ने में लग ही जाएंगे। 
लेकिन बिजली विभाग के कर्मियों की फुर्ती से देवरी क्षेत्र के ग्रामों में टूटे तारों व बिजली के खंभों पर कनेक्शन ठीक कर दिया। पेड़ के टहनियों को देखकर ऐसा लग रहा था। मानो आज भी मोबाइल चार्जिंग करने के लिए,दूसरे गांव जाना पड़ेगा, लोगों को पीने के पानी के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले नल पर कतार लगाना पड़ गया था।


रात के अंधेरे में चिमनी जलाना पड़ गया था। डूमरघुंचा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी पेड़ गिरे एवम बिजली के तार भी टूटे हुए थे, जिस कारण दो दिनों तक बिजली गुल रही। दो दिनों बाद बिजली आने से अब राहत मिली...

सोमवार, जुलाई 11, 2022

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 6 गांवों में विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 6 गांवों में विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन 




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प्रदेश की महिला एंव बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया ने कहा है कि किसानों, ग्रामीणों और मजदूरों के हितों की रक्षा छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रीमती भेंड़िया ने आज बालौद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम कोटेरा, गंजईडीह, संजारी, आलीवारा, डुमरघुंचा में विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करने के बाद इस आशय के विचार प्रकट किए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने इस दौरान ग्राम कोटेरा और ग्राम गंजईडीह में सामुदायिक भवन निर्माण,ग्राम संजारी में सी.सी.रोड निर्माण, हाईमास्क लाईट स्थापना और तालाब सौंदर्यीकरण कार्य, ग्राम भरनाभाट में मंगल भवन निर्माण कार्य, ग्राम आलीवारा में सी.सी.रोड निर्माण कार्य, ग्राम सिरपुर में सी.सी.रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल स्वयं किसान पुत्र हैं।
     इसलिए वे किसानों की वास्तविक जरूरतों को भलीभांति समझते हैं। इसलिए उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी,किसानों को इनपुट सब्सिडी के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं किसानों के ऋणमाफी जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
        मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसमें हाट बाजारों में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लोगों का स्वास्थ्य जांच व उपचार कर उन्हें दवाईयां प्रदान की जा रही है। इससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उनके ग्राम में ही मिल रही है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के संचालन से अब गोठानों में गोबर खरीदी की जा रही है, इससे पशुपालन करने वाले किसानों को लाभ मिल रहा है, गोबर विक्रय से आमदनी होने पर अब वे अपनी बहुत सी अन्य जरूरतों को भी पूरा कर पा रहे हैं। मंत्री श्रीमती भेंड़िया ने ग्रामीणों की मांग और समस्याएं भी सुनी और उनके उचित निराकरण का भरोसा भी उन्हें दिलाया। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक श्री अनिल लोढ़ा, श्री हस्तिमल सांखला सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।




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रविवार, जून 26, 2022

आवासहीन एवं बेघर परिवारो को स्वयं के घर की चिंता से मिली मुक्ति

आवासहीन एवं बेघर परिवारो को स्वयं के घर की चिंता से मिली मुक्ति


*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार* *दैनिक हिंदी वेब मीडिया बालोद (छ.ग.)*



बालोद 26 जून 2022
शासन की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण गरीब तबके के आवासहीन एवं बेघर परिवारो को पक्का मकान उपलब्ध कराकर ज्यादा से ज्यादा लोगो को लाभ पंहुचाया जा रहा  है। हितग्राही कच्चे एवं जर्जर मकानो में होने वाली समस्याओ से दूर अपने स्वयं के पक्के मकानों में खुशहाली के साथ जीवन यापन कर रहे है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत कुल 15,250 अतिरिक्त हितग्राही ‘‘आवास प्लस‘‘ में चिन्हांकित है, जिनके नाम योजना के स्थायी प्रतिक्षा सूची में जोड़ा जाकर लाभान्वित किया जाना बाकी है। इस योजना के स्थायी प्रतिक्षा सूची में कुल 43,573 हितग्राहियो का नाम दर्ज है, जिसमें से जिले में कुल 249 भूमिहीन हितग्राहियों को भूमि आबंटित कराया जाकर आज पर्यन्त कुल 31,134 हितग्राहियों को स्वीकृति प्रदान किया गया है तथा स्वीकृति के विरूद्ध में जिले में कुल 21,381 आवास शतप्रतिशत पूर्ण हैं। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य कार्यालय को पत्राचार किया जाकर लंबित किश्तों की राशि की मांग की जा रही है। शासन द्वारा अतिशीघ्र राशि उपलब्ध कराये जाने हेतु आश्वस्त कराया गया है। योजना के नोडल खाते में राशि की उपलब्धता पश्चात् निर्मित व निर्माणाधीन आवासों के लंबित किश्तो की राशि का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा ।



गुरुवार, जून 23, 2022

बालोद : त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2022: जिले के सम्पूर्ण पंचायत उप निर्वाचन क्षेत्रों में धारा-144 प्रभावशील

बालोद : त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2022: जिले के सम्पूर्ण पंचायत उप निर्वाचन क्षेत्रों में धारा-144 प्रभावशील

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बालोद 22 जून 2022



कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन जून 2022 यथा-ग्राम पंचायतों के पंच, सरपंच प्रतिनिधियों का निर्वाचन 28 जून 2022 को बालोद जिला में संपन्न होने जा रहा है तथा चुनाव संबंधी सारी प्रारंभिक तैयारियां प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। अतएव जिले के ग्रामीण क्षेत्रों यथा विकासखण्ड बालोद के ग्राम पंचायत पड़कीभाट, संाकरा क., विकासखंड गुरुर के ग्राम पंचायत रमतरा, विकासखंड डौंडीलोहारा के ग्राम पंचायत सिवनी एवं राघोनवागांव के सीमा क्षेत्र में लोक परिशांति बनाए रखना आवश्यक प्रतीत होता है। जिला दण्डाधिकारी श्री महोबे ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतर्गत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा जारी किया है। बालोद राजस्व जिले के ग्रामीण क्षेत्रों यथा विकासखण्ड बालोद, गुरूर, डौंडीलोहारा के उपरोक्त पंचायत निर्वाचन क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का घातक शस्त्र तथा बंदूक, रायफल, पिस्टल, रिवाल्वर, भाला, बल्लम, बरछा, लाठी एवं अन्य प्रकार के घातक हथियार तथा विस्फोटक सामग्री किसी भी सार्वजनिक स्थान आम सड़क, रास्ता, सार्वजनिक सभाएं एवं अन्य स्थानों पर लेकर नहीं चलेगा। कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थि सशस्त्र जुलूस नहीं निकालेगा और न ही आपत्तिजनक नारे लगायेगा और न ही आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करेगा। यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। जिन्हें अपने कार्य के संपादन के लिए लाठी या शस्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें चुनाव, मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा, जिन्हें शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था तथा लंगड़ापन होने के कारण लाठी रखना आवश्यक है।
बालोद राजस्व जिले के ग्रामीण क्षेत्रों यथा-विकासखण्ड बालोद, गुरूर, डौण्डीलोहारा के उपरोक्त पंचायत निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत विनिर्दिष्ट मतदान केन्द्र, मतगणना स्थल, कलेक्टोरेट, तहसील, ब्लाॅक, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के परिसर के बाहर न तो भीड़ होगी न धरना दिया जाएगा और न ही नारेबाजी की जाएगी। बालोद राजस्व जिले के ग्रामीण क्षेत्रों यथा-विकासखण्ड बालोद, गुरूर, डौण्डीलोहारा के उपरोक्त पंचायत निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत कोई भी राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति द्वारा आमसभा, जुलूस आयोजित करने के पूर्व उसकी विधिवत लिखित सूचना कानून व्यवस्था से जुड़े संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी, तहसीलदार को देगा तथा विधिवत अनुमति प्राप्त करने के उपरांत संबंधित राजनीतिक दल, व्यक्ति आमसभा, जुलूस का आयोजन कर सकेगा। कोई भी राजनीतिक दल या व्यक्ति बालोद राजस्व जिले के ग्रामीण क्षेत्रों यथा-विकासखण्ड बालोद, गुरूर, डौण्डीलोहारा के उपरोक्त पंचायत निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी धार्मिक संस्थान या उसके आसपास न तो आमसभा का आयोजन करेगा और न ही ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग करेगा, न ही धार्मिक स्थानों का आमसभा, जुलूस के लिए उपयोग करेगा। बालोद राजस्व जिले के ग्रामीण क्षेत्रों यथा-विकासखण्ड बालोद, गुरूर, डौण्डीलोहारा के उपरोक्त पंचायत निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत कोई भी राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति द्वारा संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार की अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्र द्वारा किसी प्रकार का नारेबाजी, प्रचार-प्रसार एवं वक्तव्य का उद्घोष नहीं करेगा। इस आदेश का उल्लंघन यदि किसी व्यक्ति द्वारा किया जाना पाया जाएगा तो या भा.दं.वि. की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय होगा। अत्यावश्यक होने एवं समयावधि ना होने के कारण यह आदेश बिना सुनवाई के एकपक्षीय जारी किया गया। यह आदेश 20 जून से निर्वाचन संपन्न होने तक संपूर्ण पंचायत उप निर्वाचन क्षेत्रों में प्रभावशील रहेगा। 

बुधवार, जून 08, 2022

राजनांदगांव : सुपोषण के लिए हर परिवार को जाग्रत करें : कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा

राजनांदगांव : सुपोषण के लिए हर परिवार को जाग्रत करें : कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा


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जनसहभागिता से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को गति प्रदान करें


जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए कार्यों में तेजी लाएं गंभीर कुपोषित बच्चे और एनिमिक समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एक्शन प्लान पर चर्चा कलेक्टर ने की मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की समीक्षा


कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक लेकर जिले में चलाए जा रहे हैं, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि जिले में 16 मई से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। इसका अभी तक अपेक्षित परिणाम मिला हैं। आगामी 15 अगस्त तक जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए और अधिक सार्थकतापूर्वक अभियान को चलाये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल शासकीय प्रयास के साथ ही सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी की सहभागिता और जनजागरूकता की विशेष जरूरत है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आम जनता और प्रत्येक परिवार के माता-पिता की सहभागिता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा हर परिवार को जाग्रत करें। परिवार के सदस्यों को बच्चे को कैसे स्वस्थ्य रखा जाए इस संबंध में चर्चा करें। स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सलाह दें। कलेक्टर ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग दोनों की महती जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने कहा कि गंभीर कुपोषित बच्चों के साथ एनिमिक महिला और किशोरी बालिका पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

बैठक में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के साथ ही बच्चों में टीकाकरण पूर्व में टीकाकरण के प्रगति की स्थिति हाई रिस्क वाले गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव हेतु फॉलोअप एवं उपचार के प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सुपोषण अभियान के अंतर्गत किशोरी बालिका में हीमोग्लोबिन की जांच की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से कोविड-19 टीकाकरण की समीक्षा की गई। जिसमें अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिक एवं फ्रंटलाइन वर्कर को अनिवार्य रूप से टीकाकरण करने कहा गया। कलेक्टर ने बैठक में गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, ओपीडी, आईपीडी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत सामान्य रूप से होने वाले रोगों के उपचार व नियंत्रण के लिए आवश्यक सुझाव और सलाह दिए। बैठक में विशेष रूप से उपस्थित पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने बच्चे के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण सुझाव व अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार दिन की शुरूआत फूड मॉर्निंग के साथ करें। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल बच्चे को सुपोषित करने तक नहीं है, साथ ही साथ बच्चे के जीवन भर के लिए स्वस्थ जीवन के लिए उचित माहौल तैयार करना है। अभियान का दूरगामी परिणाम आना चाहिए। पद्मश्री डॉ. बाफना ने कहा कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से 2 साल तक के बच्चे अधिक संवेदनशील होते हैं। उन्हें विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किशोरी बालिका स्वास्थ्य की दृष्टि से केंद्र बिंदु है। अगर किशोरी बालिका स्वस्थ होंगी तो वह भविष्य में स्वस्थ शिशु को जन्म देगी। इसके लिए उन्होंने जनजागरूकता को अहम बताया।उन्होंने अभियान चलाकर हर परिवार और बच्चे की मां को बच्चे के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक उपाय की जानकारी देने कहा। पद्मश्री डॉ. बाफना ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि बच्चे के लिए दूध, गुड़, चना, मूंगफली बहुत ही पौष्टिक आहार होता है। इसे खिलाने से बच्चे पूर्ण रूप से स्वस्थ रहते हैं। बैठक में उपस्थित परियोजना अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपना-अपना अनुभव साझा किया। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती रेणू प्रकाश सहित स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।








रविवार, जून 05, 2022

मंत्री श्री कवासी लखमा, श्री अमरजीत भगत और गुरु रुद्र कुमार ने स्व.भूपत साहू को दी श्रद्धांजलि

मंत्री श्री कवासी लखमा, श्री अमरजीत भगत और गुरु रुद्र कुमार ने स्व.भूपत साहू को दी श्रद्धांजलि


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बालोद 04 जून 2022










प्रदेश के गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के बड़े भाई स्व. भूपत साहू का आज गुरुर विकासखण्ड के ग्राम बासीन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वाणिज्यिक कर मंत्री श्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने ग्राम बासीन पहुचकर स्व.भूपत साहू के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों से भेंट कर संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, संजारी-बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,गणमान्य नागरिक आदि मौजूद थे।


शनिवार, जून 04, 2022

छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के हित के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के हित के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र


नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत एनएसडीएल को अंतरित 17 हजार 240 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ सरकार को वापस करने पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण को निर्देशित करने का किया अनुरोध
कहा- ऐसा कोई प्रावधान नहीं जो राज्य को अनुबंध से बाहर जाने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाली से रोकता हो
-संघीय ढांचे में यह राज्य सरकार का संप्रभु निर्णय है। राज्य की बजट घोषणा व मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुक्रम में निर्णय के क्रियान्वयन से रोका जाना उचित नहीं





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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत एनएसडीएल को अंतरित 17 हजार 240 करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ सरकार को वापस करने के लिए पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण को निर्देशित करने का अनुरोध किया है, ताकि शासकीय कर्मचारियों तथा उनके परिजनों के सुरक्षित भविष्य के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय का क्रियान्वयन किया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्र में लिखा है- राज्य सरकार द्वारा एनपीएस ट्रस्ट तथा एनएसडीएल के साथ किये गये अनुबंधों में ऐसा कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं है जो राज्य शासन को नवीन अंशदायी पेंशन योजना के संबंध में किये गए अनुबंध से बाहर जाने तथा पुरानी पेंशन योजना की बहाली से बाधित करता हो ।
उन्होंने लिखा है- संघीय ढांचे में यह राज्य सरकार का संप्रभु निर्णय है। शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य की बजट घोषणा व मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुक्रम में निर्णय के क्रियान्वयन से रोका जाना उचित नहीं है।

श्री बघेल ने लिखा है- राज्य सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एनएसडीएल को 1 नवम्बर, 2004 से 31 मार्च 2022 तक कुल 11,850 करोड़ (कर्मचारी एवं नियोक्ता अंशदान) अंतरित किये गये हैं। एनएसडीएल से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस जमा राशि का बाजार मूल्य लगभग 17, 240 करोड़ रूपये है। राज्य सरकार द्वारा 20 मई 2022 को पत्र के माध्यम से उपरोक्त सभी तथ्यों से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण को अवगत कराते हुए इस जमा राशि को राज्य शासन को वापस करने का अनुरोध किया गया था। प्राधिकरण द्वारा अपने पत्र दिनांक 26 मई 2022 के माध्यम से यह लेख किया गया है कि पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2013, सहपठित पीएफआरडीए (राष्ट्रीय पेंशन योजना अंतर्गत निकासी एवं प्रत्याहरण) विनियमन, 2015 तथा अन्य सुसंगत नियमों में इस आशय का कोई प्रावधान नहीं है जिसमें राज्य सरकार को कर्मचारी एवं नियोक्ता अंशदान की जमा राशि वापस की जा सके।
श्री बघेल ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य के वर्ष 2022-23 के बजट भाषण में राज्य शासन की पेंशन योग्य स्थापना में 1 नवम्बर 2004 अथवा उसके पश्चात नियुक्त समस्त शासकीय कर्मचारियों के लिये नवीन अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा की गई है। राज्य मंत्रि-परिषद की बैठक दिनांक 1 मई 2022 में इस निर्णय का अनुमोदन किया जा चुका है तथा इस निर्णय के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) दिनांक 11 मई 2022 को जारी की जा चुकी है।
श्री बघेल ने लिखा है - लोक हित की शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य शासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पुरानी मांग पर उनके एवं उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दृष्टि से पुरानी पेंशन योजना की बहाली का निर्णय लिया गया है। 1 अप्रैल 2022 से शासकीय सेवकों के वेतन से किये जाने वाले मासिक पेंशन अंशदान को समाप्त करते हुए एनएसडीएल को जमा किये जाने वाले कर्मचारी एवं राज्य शासन के अंशदान को बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर पुरानी पेंशन योजना के अनुरूप ऐसे प्रत्येक कर्मचारी का नवीन सामान्य भविष्य निधि खाता खोलकर प्रतिमाह उनके मूल वेतन का 12 प्रतिशत अंशदान इस खाते में जमा किया जा रहा है, जो कि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर सामान्य भविष्य निधि नियमों के अनुरूप ब्याज सहित अंतिम भुगतान किया जायेगा।
श्री बघेल ने लिखा है- राज्य शासन द्वारा यह निर्णय भी लिया गया है कि 31 मार्च 2022 तक एनएसडीएल के पास कर्मचारियों एवं राज्य शासन के अंशदान की जमा कुल राशि को राज्य सरकार द्वारा वापस प्राप्त किया जाए तथा इसमें से कर्मचारियों के अंशदान की कुल जमा राशि उनके सामान्य भविष्य निधि खाते में अंतरित की जाए तथा राज्य शासन के अंशदान की कुल जमा राशि को लोक लेखे के अंतर्गत एक पृथक पेंशन निधि में जमा रखा जाए। इस निधि से भविष्य में पेंशनरी दायित्वों के भुगतान हेतु आवश्यक होने पर राशि का आहरण किया जा सकेगा। साथ ही इस निधि के और संवर्धन हेतु जमा राशि को भारत सरकार, राज्य सरकारों की प्रतिभूतियों में सुरक्षित रूप से निवेशित किया जायेगा तथा प्रतिवर्ष गत वर्ष के पेंशन भुगतान की 4 प्रतिशत के बराबर राशि निवेशित की जायेगी।

गुरुवार, जून 02, 2022

आजीविका मिशन के क्लस्टर संगठन, मनरेगा में पीआईए के रूप में काम करेंगे राज्य ग्रामीण

आजीविका मिशन के क्लस्टर संगठन,
मनरेगा में पीआईए के रूप में काम करेंगे राज्य ग्रामीण 


मनरेगा के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यों में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) के क्लस्टर संगठन पीआईए

(Project Implementation Agency)

के रूप में काम करेंगे। 

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02/06/2022



 

  

   इसके लिए क्लस्टर संगठन की महिलाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मैदानी अधिकारियों को निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान (SIRD) में ‘प्रदान’ संस्था के तकनीकी सहयोग से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और मनरेगा द्वारा प्रशिक्षण के लिए इस चार दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया है।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार मनरेगा के माध्यम से वृक्षारोपण कार्यों में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित क्लस्टर संगठन पीआईए के रूप में काम करेंगी। क्लस्टर संगठनों द्वारा नर्सरी रोपण, सड़क व नहर किनारे वृक्षारोपण एवं ब्लॉक प्लांटेशन के काम किए जाएंगे। इससे विकास कार्यों में महिलाओं की सहभागिता और दायित्व दोनों बढ़ेंगे।

 वृक्षारोपण कार्यों में पीआईए के रूप में श्रमिकों का प्रबंधन तथा सामग्री की व्यवस्था व इसके भुगतान का काम क्लस्टर संगठनों द्वारा किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में 'बिहान' के मिशन संचालक श्री अवनीश कुमार शरण एवं मनरेगा कमिश्नर श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने क्लस्टर प्रतिनिधियों को पी.आई.ए. के दायित्वों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 'बिहान' की मुख्य संचालन अधिकारी (COO) श्रीमती एलिस लकड़ा, मनरेगा के श्री विनय गुप्ता एवं 'प्रदान' संस्था के श्री मनोज कुमार ने भी प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया ।

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित क्लस्टर संगठनों को वृक्षारोपण के लिए मनरेगा पीआईए के रूप में कार्य किए जाने हेतु 1 जून से 4 जून तक आयोजित कार्यशाला के पहले दिन नौ जिलों रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, गरियाबंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, बिलासपुर और मुंगेली के क्लस्टर संगठनों के पदाधिकारियों और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मैदानी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान उन्हें वृक्षारोपण के लिए नर्सरी तैयार करने, मस्टर-रोल, कार्ययोजना, प्राक्कलन, मांग तैयार करने हितग्राहियों के चयन और एम.आई.एस. में एंट्री इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दूसरे दिन आज कांकेर, राजनांदगांव, कबीरधाम, धमतरी और रायगढ़ के क्लस्टर संगठनों व अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 3 जून को कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोंडागांव, बस्तर और नारायणपुर तथा 4 जून को बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज और सरगुजा के क्लस्टर संगठनों एवं अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।चार दिवसीय कार्यशाला में 89 सीएलएफ सहित कुल 323 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।










मंगलवार, मई 31, 2022

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष अमित बघेल को हुई जेल

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष अमित बघेल को हुई जेल आईपीसी की धारा  295 (A) के तहत की गई कारवाई


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दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)
31 मई 2022










बालोद–गुण्डरदेही बालोद बंद को लेकर हुए दुकानदारों से मारपीट वा जैन समाज के धर्म गुरुओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के जैन समाजों में आक्रोश थी, छत्तीसगढ़ के जैन समाजों के द्वारा आरोपी अमित बघेल के उपर करवाई हेतु बालोद कलेक्टर जन्मेजय महोबे को आवेदन के माध्यम दिल संज्ञान दिया गया था, जिस पर करवाई करते हुए, आरोपी अमित बघेल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था,धारा  295 (ए) आईपीसी के तरत कारवाई करते हुए। आरोपी को सरगुजा जिले के हसदेव से गिरफ्तार कर लाया गया,

बालोद पुलिस के द्वारा आरोपी अमित बघेल को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। अमित बघेल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन वा छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्यों के बीच आपसी गहमा गहमी बढ़ चुकी है जिसके चलते बालोद कोतवाली थाने वा जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। बता दे की छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना छत्तीसगढ़ में ऐसा संगठन है जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के हित में तो कार्य करती है पर कहीं न कहीं इनका तरीका असंविधानिक अमानवीय और अनैतिक कार्यों को खुलेआम अंजाम देती है। जिस पर काफी समय से पूर्व में भी ऐसी घटना जिनमे कोलर घटना वा कई छोटी छोटी घटना को संगठन के बल पर अंजाम दे चुकी है।

दूसरे पक्षीय में जैन समाज के लोगों ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना संगठन को निशाना साधकर इस घटना के संबंध में कहा है की, 

सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कहा है कि प्रदर्शनों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक रूप माना जा सकता है जब तक कि वे सार्वजनिक आदेश का उल्लंघन न करें। हालांकि अदालत ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में हड़ताल करने से इनकार कर दिया। अनुच्छेद 19 भारत के किसी भी निवासी को हड़ताल, बंद या चक्का जाम आयोजित करने की स्पष्ट अनुमति नहीं देता है। ये रूप या तो अहिंसक या शांतिपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन मूल अधिकारों की गारंटी नहीं है। भाषण  और अभिव्यक्ति शांतिपूर्वक और बिना हथियारों के इकट्ठा हों संघ या संघ बनाना यहां तक ​​कि बीआर अंबेडकर ने भी कहा था कि इस शर्त के तहत सत्याग्रह का विचार शून्य होगा, "जहां संवैधानिक तरीके खुले हैं, वहां इन असंवैधानिक तरीकों का कोई औचित्य नहीं हो सकता।"



रविवार, मई 29, 2022

धनोरा पूर्ण तहसील बन जाने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है...


धनोरा पूर्ण तहसील बन जाने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है...

तहसील कार्यालय का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण,

वही पूर्ण तहसील बनाए जाने पर क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

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कोण्डागांव जिले के धनोरा को पहले उप तहसील का दर्जा था। क्षेत्रवासियों की मांग पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 27 जनवरी 2021 को धनोरा को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। उनकी घोषणा के अनुरूप अब धनोरा पूर्ण तहसील बन चुका है। भेंट-मुलाकात अभियान की कड़ी में मुख्यमंत्री श्री बघेल आज केशकाल विधानसभा अंतर्गत धनोरा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नव निर्मित तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया।


तहसीलदार न्यायालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नायब तहसीलदार दयाराम साहू से क्षेत्र के राजस्व प्रकरणों, भुइंया पोर्टल में एंट्री की जानकारी ली। उन्होंने दर्ज प्रकरणों की जानकारी लेते हुए, समस्त प्रकरणों का निराकरण समय सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दूसरी ओर उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने पर क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री से कहा कि धनोरा पूर्ण तहसील बन जाने से अब राजस्व संबंधी व तहसीलदार कार्यालय से जुड़े अनेक काम के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ता। क्षेत्रीय जनता के समय और व्यय की बचत हो रही है। इससे आमजनता को काफी राहत मिली है।










शनिवार, मई 28, 2022

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारका स्थित मुख्यालय में एक सर्विलांस सिस्टम को लगाया गया



राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारका स्थित मुख्यालय में एक सर्विलांस सिस्टम को लगाया गया


बालोद (छ.ग.)



राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारका स्थित मुख्यालय में एक सर्विलांस सिस्टम को लगाया गया है, जिसका काम अपने नेटवर्क में शामिल सभी कंप्यूटरों की स्थिति पर नजर रखना है। सर्विलांस सिस्टम, इन कंप्यूटरों में हैकिंग, मालवेयर की कोशिशों या खराब प्रोग्राम के उपयोग की जानकारी को सामने लाता है।


2021 में लगाए गए सी3आई वज्र नाम के सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (एसओसी) ने देशभर के हाईवे पर निगरानी रखने वाले कंप्यूटरों को सुरक्षित रखा है और संभावित खतरों के बारे में चेतावनी भी दी है।


सी2आई वज्र, घटना के समय ही जानकारी इकट्ठी कर जांच-निगरानी की व्यवस्था उपलब्ध करवाता है, साथ ही अंतिम बिंदुओं से लॉग फीड, नेटवर्क व इंटरनेट से पैकेट डेटा भी उपलब्ध करवाता है। फिर इन फीड के जरिए खतरे से जुड़ी सूचनाएं उत्पादित करता है और संगठन के नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इस समाधान के बड़े लाभों में शामिल हैं- घटना की प्रतिक्रिया में कार्यकुशलता बढ़ोत्तरी और सुरक्षा उल्लंघनों का प्रभाव कम हुआ है, बेहतर ढंग से अब घटनाओं की जानकारी और इनके बारे में अधिसूचना जारी हो पा रही है। साथ ही अब उन्नत लॉग विश्लेषण और प्रतिधारण बेहतर हो रहा है।


'ओपन सोर्स कंपोनेंट और इंटीग्रेशन' पर पूरी तरह आधारित, पहले एसओसी को 'साइबर फिजिकल सिस्टम्स टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईएच) या सी2आईहब' ने विकसित किया है, आईआईटी कानपुर में स्थित यह संस्थान देश में साइबर सुरक्षा में शोध और विकास का काम करता है।



पिछले दो सालों में बहुविषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों के राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस) के तहत विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी विभाग की सहायता से टीआईएच ने अपना ध्यान अहम अवसंरचना, मोबाइल उपकरणों की सुरक्षा, कंप्यूटर डेटा सुरक्षा के लिए ब्लॉकचेन या डिजिटल लेजर आधारित समाधान और डेटा की निजता पर केंद्रित रखा है। इसने कई स्टार्टअप को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी मदद की है, इसमें कई ऐसे स्टार्टअप हैं, जो सी3आई हब में निर्मित तकनीक को बाजार तक पहुंचाते हैं।


संस्थान द्वारा ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित एक "सेल्फ सोवरीन आईडेंटिटी (एसएसआई)" सिस्टम भी विकसित किया है। एसएसआई एक ऐसी तकनीक है, जो उपयोगकर्ताओं को यह नियंत्रण देती है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी को कहां और कैसे उपयोग करें। उपयोगकर्ताओं को यह नियंत्रण हासिल करवाने के लिए एसएसआई, ब्लॉकचेन, डिजिटल हस्ताक्षर और शून्य ज्ञान साक्ष्य जैसी अलग-अलग तकनीकों के मिश्रण का उपयोग करती है। व्यापक स्तर की व्यक्तिगत जानकारी, जिसमें डिग्री, सर्टिफिकेट और पहचान पत्र शामिल होते हैं, उन्हें सुरक्षित ढंग से इकट्ठा रखने के लिए एसएसआई का उपयोग किया जाता है।



सी3आईहब द्वारा डिग्रियां देने के लिए एक एसएसआई आधारित एक तंत्र विकसित किया गया था, इसे आईआईटी द्वारा प्रोत्साहित स्टार्टअप सीआरयूबीएन तैनात कर रहा है। प्रधानमंत्री ने आईआईटी कानपुर के स्नातक छात्रों को इस प्रणाली से डिग्रियां दी थीं। इस प्रणाली से पीएम बाल पुरस्कार और इग्नू की डिग्रियां भी दी गई हैं।





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