MH पासिंग आयशर का 'नशीला खेल': महाराष्ट्र की 'भिंगरी' से खैरागढ़ के गांवों में छलक रहे जाम, गुप्त सूचना से मचा हड़कंप
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MH पासिंग आयशर का 'नशीला खेल': महाराष्ट्र की 'भिंगरी' से खैरागढ़ के गांवों में छलक रहे जाम, गुप्त सूचना से मचा हड़कंप स्वतंत...
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की माताजी स्वर्गीया श्रीमती कुसुम सिन्हा की स्मृति में 18 फरवरी 2026 को सायं शांति हवन एवं शोक सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मुख्य न्यायाधीश के शासकीय आवास, बोदरी स्थित उच्च न्यायालय आवासीय परिसर में सम्पन्न हुआ।वैदिक रीति से आयोजित शांति हवन के उपरांत भजन संध्या एवं श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने स्वर्गीया श्रीमती कुसुम सिन्हा के सरल, स्नेहमयी एवं संस्कारवान व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उनके आदर्शों एवं आशीर्वाद ने सदैव परिवार को कर्तव्यपरायणता और सेवा की भावना से प्रेरित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधि मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, विधायक सुशांत शुक्ला सहित न्यायपालिका, प्रशासन, पुलिस एवं विधि जगत से जुड़े अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना के साथ हुआ।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में दिन के समय सूने मकानों को निशाना बनाने वाले आदतन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना खैरागढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, नगदी रकम तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल लगभग 3,95,500 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 45/2026 धारा 305-ए बीएनएस तथा चौकी जालबांधा (थाना खैरागढ़) में अपराध क्रमांक 47/2026 धारा 331(4), 305-ए बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। पहली घटना में प्रार्थी सुनील साहू,निवासी उदयपुर (थाना छुईखदान) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 फरवरी 2026 की शाम खेत से लौटने पर उसके घर के दो कमरों के दरवाजे खुले मिले और आलमारी टूटी हुई थी। आलमारी में रखे 30 हजार रुपये नगद एवं सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए थे।दूसरी घटना ग्राम बफरा की है, जहां प्रार्थी रेखचंद साहू परिवार सहित शादी में गया था। 14 फरवरी 2026 को लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और नगदी व आभूषण चोरी पाए गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए केसीजी पुलिस द्वारा थाना छुईखदान,चौकी जालबांधा एवं साइबर सेल खैरागढ़ की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर चोरी के पैटर्न का विश्लेषण किया तथा पुराने आरोपियों और संदिग्धों की जानकारी जुटाई।जांच के दौरान सूचना मिली कि ग्राम करमतरा निवासी ओमप्रकाश साहू जेल से छूटने के बाद संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। पुलिस ने ओमप्रकाश साहू (19 वर्ष) एवं दिलेश्वर साहू (23 वर्ष), दोनों निवासी करमतरा चौकी जालबांधा,थाना खैरागढ़,को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने उदयपुर, बफरा तथा अन्य स्थानों पर सूने मकानों में चोरी करना स्वीकार किया।आरोपियों की निशानदेही पर उनके घर से सोने के 12 लॉकेट,एक जोड़ी टॉप्स,एक जोड़ी ईयरिंग, चांदी का लच्छा,आठ जोड़ी पायल,करधन,बिछिया,कड़ा तथा 5 हजार रुपये नगद बरामद किए गए। साथ ही दिलेश्वर साहू के कब्जे से 1500 रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और सब्बल जब्त किया गया। कुल बरामद संपत्ति की कीमत लगभग 3,95,500 रुपये आंकी गई है।पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधिवत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि घर को सूना छोड़ने से पहले पड़ोसियों को सूचना दें तथा संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
राजनांदगांव 13 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा 9 से 14 फरवरी 2026 तक पंचायत स्तर पर अभियान चलाकर कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं कृषकों को शासन की विभिन्न योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। जिसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के लिए ई-केवायसी, आधार सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीयन किया जा रहा है। योजना के तहत पात्र किसानों को 6000 रूपए वार्षिक कृषक प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाता है।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि फरवरी माह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त की राशि हस्तांतरण किया जाना प्रस्तावित है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए कृषि विभाग द्वारा जिले में ई-केवायसी के 604, लैण्ड सीडिंग के 67, आधार सीडिंग के 872 एवं सस्पेक्टेड केस के 881 लंबित हितग्राहियों से व्यक्तिगत संपर्क कर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित कराने का प्रयास किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा जिले के कृषकों से अपने नजदीकी लोक सेवा केन्द्र, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषक संगवारी के माध्यम से सस्पेक्टेड केस में लंबित प्रकरणों का भौतिक सत्यापन पूर्ण कर पीएम किसान की वेबसाईट पर फार्मर कार्नर अंतर्गत नवीन विकल्प अपडेट मिसिंग इनफार्मेशन के माध्यम से निराकरण कराने तथा ई-केवायसी पूर्ण करवाने एवं आधार सीडिंग के लिए अपने संबंधित बैंक से संपर्क कर बैंक खाते में आधार बेस्ड पेमेंट एनेबल (डीबीटी) पूर्ण कराने का आग्रह किया गया है। जिससे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को आगामी 23वीं किस्त की राशि का लाभ प्राप्त कर सके। किसान अभियान अंतर्गत लोकसेवा केन्द्र, कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों एवं संबंधित बैंकों के माध्यम से लंबित प्रकरणों का निराकरण के साथ ही एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने की अपील की गई है, ताकि आगामी किस्त की राशि से लाभान्वित होने से कोई भी पात्र कृषक वंचित नहीं हो।
गंडई | कटंगी गांव में कथित सामाजिक बहिष्कार और मनमाने तरीके से अर्थदंड वसूला जाता है।शीतलाल के अनुसार, गांव के कथित समाज प्रमुख सुद्धू निर्मलकर, राजू रजक, निरंजन रजक, कुलेश्वर रजक, विजय रजक और तुलसु निर्मलकर गांव में अपनी मनमानी व्यवस्था चलाते हैं। जब उसने इस अवैध व्यवस्था का विरोध किया, तो उसे सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि गांव में उसके बच्चों को अन्य बच्चों से बात करने से रोका जाता है, कोई उससे संवाद नहीं करता और किसी भी सामाजिक बैठक में शामिल होने पर उसे भगा दिया जाता है। इस तरह के लगातार मानसिक उत्पीड़न से वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया।शीतलाल ने बताया कि उसने इस मामले की शिकायत गंडई थाना, कलेक्टर कार्यालय, गृह मंत्रालय और मानवाधिकार आयोग तक कई बार की,लेकिन कहीं भी उसकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उपेक्षा से हताश होकर उसने आत्महत्या करने जैसा कठोर कदम उठाने का प्रयास किया। घटना के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक संवेदनशीलता और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक बहिष्कार जैसी कुप्रथा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायतों की पुनः समीक्षा की संभावना जताई है। वही सामाजिक बहिष्कार के बाद प्रशासनिक कार्रवाई न होने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि समाज में इसी तरह के मामले को अनदेखा करने के कारण ही धर्मांतरण जैसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। तथा अपने ही समाज के प्रति नकारात्मकता बढ़ती जाती है। ऐसे मामलों पर प्रशासन को तात्कालिक कार्रवाई करनी चाहिए साथ ही सामाजिक बहिस्कार के खिलाफ समाज में हो रहे मनमानी पर रोक लगाने हेतु तत्काल कानून बननी चाहिए।कुछ लोगों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सामाजिक बहिष्कार के बाद प्रशासनिक कार्रवाई न होने के कारण धर्मांतरण की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती रही है। कई जगहों से सामने आए मामलों ने प्रशासन की भूमिका और सामाजिक समरसता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बहुत से गांवों में समुदाय विशेष से जुड़े लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया गया। बहिष्कार के दौरान प्रभावित परिवारों को सामाजिक गतिविधियों से अलग कर दिया गया,यहां तक कि उन्हें गांव के संसाधनों और सहयोग से भी वंचित रखा गया,एवं कई जगह तो धर्मांतरण के आरोप में शासकीय योजनाओं के लाभ से भी वंचित कर दिया गया था,
*ऐसे हालात में कई परिवारों ने वैकल्पिक सामाजिक सुरक्षा और समर्थन की तलाश में धर्म परिवर्तन का रास्ता अपनाया*
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते पीड़ित परिवारों पर मानसिक और सामाजिक दबाव बढ़ता गया, जिससे धर्मांतरण जैसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप करे, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और पीड़ितों को सुरक्षा व विश्वास दिया जाए, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। वहीं कुछ संगठनों ने इसे सामाजिक ताने-बाने के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल कटंगी गांव के मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक इस सामाजिक बहिष्कार के संबंध में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आने वाले दिनों में जांच या कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
राजनांदगांव : बालगृहों में स्वीकृत संविदा पदों के भर्ती के लिए 21 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित
कांकेर जिले के अमाबेड़ा (बड़े तिवड़ा) गांव में कब्र खोदकर शव निकाले जाने की घटना पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित अजीत जोगी के सोशल मीडिया खाते से कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यूजर ने इस घटना को अमानवीय,अक्षम्य और असंवैधानिक करार दिया है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपने बयान में लिखा कि कांकेर बंद सही है,लेकिन उसका कारण गलत बताया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बंद का समर्थन दफन के विरोध में नहीं,बल्कि दफन के अधिकार की रक्षा के लिए कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपने धर्म के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार या दफन का अधिकार है,जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21, 25 और 300A के तहत संरक्षित है।यह केवल एक गांव की घटना नहीं,बल्कि पूरे राष्ट्र की अंतरात्मा पर चोट है।यूजर ने अपने बयान में यह भी कहा कि कोई भी सत्ता, यहां तक कि राज्य भी,किसी नागरिक से यह मौलिक अधिकार नहीं छीन सकती।उन्होंने मानवता, संविधान और मानवीय गरिमा के पक्ष में एकजुट होने की अपील की।बयान के अंत में उन्होंने “जय छत्तीसगढ़” और “जय संविधान” के नारे के साथ अपने विचार समाप्त किए हैं।कांकेर की इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, वहीं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज़ हो गई हैं।
किसान भोलाराम इस वर्ष धान बिक्री की राशि से शुरू करेंगे नए घर का निर्माण कार्य किसानों की उपज का उचित मूल्य मिलने से शासन के प्रति बढ़ा विश्वास धान खरीदी कार्य डिजिटाईजेशन, पारदर्शिता और सुविधाजनक होने से धान बिक्री करना हुआ आसान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में तेजी से धान खरीदी की जा रही है। शासन किसानों की उपज को समर्थन मूल्य में खरीदी कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। आर्थिक मजबूती से किसान अपने सपने पूरा करने के लिए सक्षम हो रहे है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम तुमड़ीलेवा के किसान श्री भोलाराम पटेल ने बताया कि वे धान उपार्जन केन्द्र गठुला में 30 क्विंटल धान बिक्री करने आए हैं। उनके पास 9 एकड़ खेती जमीन है।जिसमें परंपरागत खेती करते हुए धान की फसल लेते हैं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्ंिवटल की दर से धान खरीदी करने से उनकी उपज का उचित दाम मिल रहा है और राशि भी 24 घंटे के भीतर सीधे ऑनलाईन खाते में मिल रही है। किसान श्री भोलाराम ने बताया कि इस वर्ष धान बिक्री की राशि से अपने सपनों के घर को बनाने के लिए कार्ययोजना बनाया है।वे धान बिक्री की राशि प्राप्त होने के बाद नए घर के निर्माण कार्य शुरू करने का सोचा है।उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्राप्त राशि से अपनी जरूरतों के साथ-साथ खेती-किसानी कार्य, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए उपयोग करने में मदद मिलती है।किसान श्री भोलाराम पटेल ने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता, पारदर्शिता तरीके से इलेक्ट्रानिक तौलाई, ऑनलाईन खाते में राशि अंतरण किया जा रहा है। धान उपार्जन केन्द्र गठुला में किसानों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था रखी गई है। धान उपार्जन केन्द्र में पेयजल, छांव,चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।