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शनिवार, जुलाई 05, 2025

धर्मांतरण और सामाजिक बहिष्कार

सामाजिक बहिष्कार पर कानून बनने से समाज के दल्लों को दिक्कत क्यों..?

*छत्तीसगढ़ में सामाजिक बहिष्कार के बाद धर्मांतरण*

 छत्तीसगढ़ के विकास पर चर्चा के लिए गंभीर विषय


धर्मांतरण और सामाजिक बहिष्कार

संविधान की प्रस्तावना से धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद जैसे शब्द हटाने से बेहतर है सामाजिक बहिष्कार पर चिंता किए जाएं और सामाजिक बहिष्कार पर कानून बनाकर लागू किए जाएं।

किसी परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने से पहले यह वास्तविकता जांच लें कि सामाजिक बहिष्कार क्यों किया गया है..? और कहां तक सही है।क्या सामाजिक बहिष्कार करने के पीछे समाज की आड़ में राजनीति फल फूल रही है..?

राजनीतिक के आड़ में समाज को दबाओ पूर्वक तोड़ने का षडयंत्र तो नहीं..?

धर्मांतरण के भी कई मामलों में देखा गया हैं कि राजनीतिक दलाल समाज में अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए,या फिर किसी गरीब परिवार की कमजोरी का फायदा उठाने के लिए किसी एकात सदस्य को जमकर सपोर्ट कर देते है,और उनके कंधे पर बंदूक रखकर समाज के कमजोर लोगों पर गोली चलाते हैं। किसी सपोर्टेड सदस्य की आड़ में समाज के गरीबों की जमीन,मकान,और निजी संपत्ति पर भी कब्जा करने के मकसद से उस गरीब परिवार का  सामाजिक बहिष्कार कर देते हैं।

ताकि बहिष्कृत होने के बाद उस परिवार की सामाजिक बहिष्कार की आड़ में दबाओ पूर्वक उनके प्रॉपर्टी पर कब्जा किया जा सके।आपसी दुश्मनी के मसले निपटाए जा सकें?

क्योंकि किसी परिवार की सामाजिक बहिष्कार करने के बाद गांव और समाज के लोगों पर यह नियम बना दिया जाता है कि 

👉बहिष्कृत परिवार से कोई बात नहीं करेगा।

👉बहिष्कृत परिवार से किसी प्रकार का बेटी रोटी नहीं रखेगा।

👉किसी प्रकार की कोई लेन देन नहीं करना है।*

👉किसी प्रकार की कोई काम काज में नहीं बुलाना है।

👉किसी को बहिष्कृत परिवार से कोई लेन देन रखना है तो उस परिवार को भी समाज से बहिष्कृत या समाज में आर्थिक दंड लिया जाएगा।

👉बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।नलों में पानी नहीं पहुंचेगा।खेत खार में किसी प्रकार की सहयोग नहीं मिलेगा।*

👉और तो और बहिष्कृत परिवार को इतना प्रताड़ित किया जाता है कि कई बार परिवार के सदस्य प्रताड़ना बर्दास्त नहीं कर पाते और आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं।

👉कई धर्मांतरण के मामलों में सामने यह आया है कि बहिष्कृत परिवारों पर समाज के लोग अनैतिक तरीके से आर्थिक दंड लिया जाता है,और उस दंडित राशि को अपने सामाजिक सदस्यों के द्वारा आपस में बंदरबांट कर दिया जाता है।जिसका कोई हिसाब किताब ही नहीं रहता।कई बार ऐसा हॉट है कि वसूली किए राशि को चोरी हो गया कहकर दंडित राशि को गबन कर दिया जाता है।कई जगहों पर तो हिसाब किताब की डायरी नहीं मिल रहा है कहकर राशि का भी गबन कर दिया जाता है।

ऐसे में अगर कोई एकात परिवार दंड में वसूले गए राशि का हिसाब पूछ ले तो उसे भी समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है।

क्या उपरोक्त लिखी बातें सही नहीं है।ऐसे मैने कई ग्रामों में इस प्रकार के कहानी सुनी है।क्या ये सही है समाज में,अगर आप लोगों को सही लगता है तो कोई बात नहीं पर मुझे गलत लगता है इसलिए मैं इसका विरोध खुलेआम करता हूं।

अतः सरकार समाज और संविधान के रखवालों से मेरा विनम्र आग्रह पूर्वक निवेदन है कि सामाजिक बहिष्कार पर भी विशेष कानून बनाया जाए जो समाज और मानव कल्याण के लिए हो।अन्यथा सामाजिक बहिष्कार के बाद कई परिवार धर्मांतरण जैसे कदम उठाते हैं और फिर धर्म संगठन के लोग आपस में लड़कर एक दूसरे का गला काटने पर उतारू हो जाते हैं।

आपको नहीं मालूम तो मैं बता दूं कि सामाजिक बहिष्कार पर कानून बनाने की याचिका उच्च न्यायायल में लगाई गई थी।जिसके खिलाफ समाज प्रमुखों एवं समाज चिंतकों द्वारा खारिज करवाने की याचिका लगवाकर, सामाजिक बहिष्कार पर बनने वाले कानून पर रोक लगा दी थी।

अतः अगर आप सभी समाज और देशप्रेमियों को लगता है कि सामाजिक बहिष्कार पर कानून बनाकर शीघ्र लागू करना चाहिए तो समर्थन जरूर देवें,अपनी राय जरूर भेजें।

*धन्यवाद*


✍️...डीकेश साहू

मोबाइल नंबर– 8103541559*

(बालोद–खैरागढ़) छत्तीसगढ़





शुक्रवार, सितंबर 23, 2022

छत्तीसगढ़ सरकार बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रारंभ करेगी ’हमर बेटी-हमर मान’ अभियान

छत्तीसगढ़ सरकार बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रारंभ करेगी ’हमर बेटी-हमर मान’ अभियान


"स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार"
*दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)*
23 सितम्बर 2022



जिस समाज में बेटियां सुरक्षित और सशक्त हो, वह समाज निरंतर प्रगति करता है: श्री भूपेश बघेल

अभियान के तहत राज्य की महिला पुलिस अधिकारी -कर्मचारी स्कूल, कॉलेजों में जाकर बेटियों को देंगी कानूनी अधिकार और सुरक्षा के उपायों की जानकारी
सोशल मीडिया क्राइम से बचाव और अधिकार जैसी बातों पर मार्गदर्शन और संवाद भी होगा

गर्ल्स स्कूल, कॉलेजों तथा महिलाओं की उपस्थिति वाली प्रमुख जगहों पर लगाई जाएगी पुलिस की स्पेशल महिला पेट्रोलिंग
’हमर बेटी हमर मान’ हेल्पलाइन के लिये एक मोबाइल नंबर होगा जारी
महिला संबंधी अपराधों की विवेचना प्राथमिकता के आधार पर महिला विवेचक करेंगी ऐसे अपराधों की विवेचना निर्धारित समय में पूरी होकर चालान पेश होने का दायित्व आई.जी. रेंज का होगा


छत्तीसगढ़ सरकार महिला सुरक्षा की दिशा में खासकर बेटियों की सुरक्षा, उनके मान सम्मान की रक्षा, उनकी सुविधा और उन्हें आवश्यक सेवा प्रदान करने के लिये एक अभिनव अभियान ’हमर बेटी-हमर मान’ प्रारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज ट्वीट कर यह जानकारी देते हुए इस अभियान के संबंध में कहा है कि बेटियां हमारा मान सम्मान हैं, बेटियां प्रदेश के भविष्य उज्ज्वल की नींव है, जिस समाज में बेटियॉं सुरक्षित हों, सशक्त हो रही हों, वह समाज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होता है।

’हमर बेटी-हमर मान’ इस अभियान के तहत राज्य की पुलिस की महिला अधिकारी एवं कर्मचारी प्रदेश के सभी ज़िलों में स्कूल कॉलेजों में जाकर बेटियों को उनके कानूनी अधिकार, गुड टच, बैड टच, छेड़खानी, यौन शोषण, साइबर क्राइम, सोशल मीडिया क्राइम से बचाव और अधिकार जैसी बातों पर मार्गदर्शन देंगी और उनसे संवाद करेंगी।
अभियान के तहत गर्ल्स स्कूल, कॉलेजों तथा महिलाओं,युवतियों की उपस्थिति वाली प्रमुख जगहों पर पुलिस की स्पेशल महिला पेट्रोलिंग लगाई जायेगी। ’हमर बेटी हमर मान’ हेल्पलाइन के लिये एक मोबाइल नंबर भी जारी किया जायेगा, जिस पर बेटियां अपनी शिकायत, अपनी परेशानी, अपने साथ होने वाले किसी भी दुर्व्यवहार या अपराध की सूचना दर्ज करा पायेंगी जिन पर प्राथमिकता से कार्यवाही की जायेगी। 
राज्य सरकार द्वारा यह भी तय किया गया है कि महिला संबंधी अपराधों की विवेचना प्राथमिकता के आधार पर महिला विवेचकों से ही करवायी जायेगी, साथ ही ऐसे अपराधों की विवेचना निर्धारित समय में पूरी होकर चालान पेश हो जाये, ये सुनिश्चित करने का दायित्व आई.जी. रेंज को होगा। महिला सुरक्षा हेतु लॉंच किये जाने वाले एप्लिकेशन के संबंध में स्कूल कॉलेजों में जाकर बताया जायेगा कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पूरी आशा है कि महिला सुरक्षा और महिलाओं का सम्मान बढ़ाने की दिशा में यह अभियान एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।  

शुक्रवार, जून 24, 2022

बालोद : स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में पदों पर प्रतिनियुक्ति हेतु आवेदन 30 जून तक

बालोद : स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में पदों पर प्रतिनियुक्ति हेतु आवेदन 30 जून तक







बालोद 24 जून 2022

उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति जिला बालोद द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम विद्यालय बालोद, डौण्डी, डौण्डीलोहारा, अर्जुन्दा एवं गुरूर में रिक्त शैक्षणिक एवं गैर शैक्षिक पदों पर प्रतिनियुक्ति में कार्य करने के लिए आवेदन 30 जून 2022 तक आमंत्रित किए गए है। जिला शिक्षा अधिकारी एवं उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव श्री प्रवास बघेल ने बताया की स्कूल शिक्षा विभाग छ.ग. शासन के विभागीय शिक्षक व कर्मचारी निर्धारित प्रारूप में आवेदन एवं समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र का प्रारूप, रिक्त पदों का विवरण तथा विस्तृत निर्देश जिले की वेबसाईट बालोद डाट जीओवी डाट इन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद के सूचना पटल में अवलोकन हेतु उपलब्ध है।



रविवार, जून 05, 2022

मंत्री श्री कवासी लखमा, श्री अमरजीत भगत और गुरु रुद्र कुमार ने स्व.भूपत साहू को दी श्रद्धांजलि

मंत्री श्री कवासी लखमा, श्री अमरजीत भगत और गुरु रुद्र कुमार ने स्व.भूपत साहू को दी श्रद्धांजलि


*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार* दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)
बालोद 04 जून 2022










प्रदेश के गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के बड़े भाई स्व. भूपत साहू का आज गुरुर विकासखण्ड के ग्राम बासीन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वाणिज्यिक कर मंत्री श्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने ग्राम बासीन पहुचकर स्व.भूपत साहू के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिवारजनों से भेंट कर संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, संजारी-बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण,गणमान्य नागरिक आदि मौजूद थे।


शनिवार, मई 28, 2022

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारका स्थित मुख्यालय में एक सर्विलांस सिस्टम को लगाया गया



राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारका स्थित मुख्यालय में एक सर्विलांस सिस्टम को लगाया गया


बालोद (छ.ग.)



राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारका स्थित मुख्यालय में एक सर्विलांस सिस्टम को लगाया गया है, जिसका काम अपने नेटवर्क में शामिल सभी कंप्यूटरों की स्थिति पर नजर रखना है। सर्विलांस सिस्टम, इन कंप्यूटरों में हैकिंग, मालवेयर की कोशिशों या खराब प्रोग्राम के उपयोग की जानकारी को सामने लाता है।


2021 में लगाए गए सी3आई वज्र नाम के सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (एसओसी) ने देशभर के हाईवे पर निगरानी रखने वाले कंप्यूटरों को सुरक्षित रखा है और संभावित खतरों के बारे में चेतावनी भी दी है।


सी2आई वज्र, घटना के समय ही जानकारी इकट्ठी कर जांच-निगरानी की व्यवस्था उपलब्ध करवाता है, साथ ही अंतिम बिंदुओं से लॉग फीड, नेटवर्क व इंटरनेट से पैकेट डेटा भी उपलब्ध करवाता है। फिर इन फीड के जरिए खतरे से जुड़ी सूचनाएं उत्पादित करता है और संगठन के नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इस समाधान के बड़े लाभों में शामिल हैं- घटना की प्रतिक्रिया में कार्यकुशलता बढ़ोत्तरी और सुरक्षा उल्लंघनों का प्रभाव कम हुआ है, बेहतर ढंग से अब घटनाओं की जानकारी और इनके बारे में अधिसूचना जारी हो पा रही है। साथ ही अब उन्नत लॉग विश्लेषण और प्रतिधारण बेहतर हो रहा है।


'ओपन सोर्स कंपोनेंट और इंटीग्रेशन' पर पूरी तरह आधारित, पहले एसओसी को 'साइबर फिजिकल सिस्टम्स टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईएच) या सी2आईहब' ने विकसित किया है, आईआईटी कानपुर में स्थित यह संस्थान देश में साइबर सुरक्षा में शोध और विकास का काम करता है।



पिछले दो सालों में बहुविषयक साइबर-भौतिक प्रणालियों के राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस) के तहत विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी विभाग की सहायता से टीआईएच ने अपना ध्यान अहम अवसंरचना, मोबाइल उपकरणों की सुरक्षा, कंप्यूटर डेटा सुरक्षा के लिए ब्लॉकचेन या डिजिटल लेजर आधारित समाधान और डेटा की निजता पर केंद्रित रखा है। इसने कई स्टार्टअप को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी मदद की है, इसमें कई ऐसे स्टार्टअप हैं, जो सी3आई हब में निर्मित तकनीक को बाजार तक पहुंचाते हैं।


संस्थान द्वारा ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित एक "सेल्फ सोवरीन आईडेंटिटी (एसएसआई)" सिस्टम भी विकसित किया है। एसएसआई एक ऐसी तकनीक है, जो उपयोगकर्ताओं को यह नियंत्रण देती है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी को कहां और कैसे उपयोग करें। उपयोगकर्ताओं को यह नियंत्रण हासिल करवाने के लिए एसएसआई, ब्लॉकचेन, डिजिटल हस्ताक्षर और शून्य ज्ञान साक्ष्य जैसी अलग-अलग तकनीकों के मिश्रण का उपयोग करती है। व्यापक स्तर की व्यक्तिगत जानकारी, जिसमें डिग्री, सर्टिफिकेट और पहचान पत्र शामिल होते हैं, उन्हें सुरक्षित ढंग से इकट्ठा रखने के लिए एसएसआई का उपयोग किया जाता है।



सी3आईहब द्वारा डिग्रियां देने के लिए एक एसएसआई आधारित एक तंत्र विकसित किया गया था, इसे आईआईटी द्वारा प्रोत्साहित स्टार्टअप सीआरयूबीएन तैनात कर रहा है। प्रधानमंत्री ने आईआईटी कानपुर के स्नातक छात्रों को इस प्रणाली से डिग्रियां दी थीं। इस प्रणाली से पीएम बाल पुरस्कार और इग्नू की डिग्रियां भी दी गई हैं।





मंगलवार, मई 24, 2022

राज्यों में प्रत्‍येक को करीब 4,500 करोड़ की बचत होगी सुनिश्चित मासिक भुगतान से उत्पादक कंपनियों को मिलेगा लाभ

बिजली मंत्रालय डिस्कॉम के पिछले बकाया को समाप्त करने की योजना पर काम कर रहा है

डिस्कॉम पर 18 मई 2022 तक उत्पादन कंपनियों का 1,00,018 करोड़ रुपये बकाया
डिस्कॉम को 48 मासिक किश्तों में बकाया भुगतान करने की अनुमति दी जाएगी,

विलंब से भुगतान पर 19,833 करोड़ रुपये अधिशुल्क की होगी बचत
बिजली उपभोक्ताओं को इस राशि की राहत मिलेगी,

 क्योंकि यह खुदरा शुल्क पर हस्तांतरित नहीं होगी
महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में प्रत्‍येक को करीब 4,500 करोड़ की बचत होगी
सुनिश्चित मासिक भुगतान से उत्पादक कंपनियों को मिलेगा लाभ


*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार* 
दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)
बालोद 491771 (छ.ग.)





डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनियोंकी बकाया राशि का भुगतान करने में असमर्थता बिजली क्षेत्र की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को प्रभावित करती है। इस स्थिति पर विचार करते हुए बिजली मंत्रालय वितरण कंपनियों (डिस्कॉमके वित्तीय संकट को कम करने के लिए एक योजना पर काम कर रहा है जो अपने बकाया का भुगतान करने में असमर्थ हैं।

       वितरण कंपनी द्वारा उत्पादन कंपनी को भुगतान में विलंब किए जाने से उत्पादन कंपनी के नकदी प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हैजिसे कोयले के रूप में इनपुट आपूर्ति के लिए प्रावधान करने की आवश्यकता होती है और बिजली संयंत्र के दिन-प्रतिदिन के संचालन के लिए पर्याप्त कार्यशील पूंजी की जरूरत होती है। प्राप्ति (PRAAPTI) पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार,18 मई 2022 तकडिस्कॉम की बकाया राशि (विवादित राशि और विलंबित भुगतान अधिभार (एलपीएससीको छोड़कर) 1,00,018 करोड़ रुपये और एलपीएससी बकाया 6,839 करोड़ रुपये थे।


          प्रस्तावित योजना डिस्कॉम द्वारा वित्तीय बकाया का आसान किश्तों में भुगतान को आसान बनाती है। सभी डिस्कॉम को एकमुश्त छूट देने पर विचार किया जा रहा हैजिसमें योजना की अधिसूचना की तारीख को बकाया राशि (मूलधन और एलपीएससी शामिल हैको एलपीएससी के आगे लगाए बिना फ्रीज कर दिया जाएगा।


डिस्कॉम को 48 किश्तों में बकाया राशि का भुगतान करने की छूट दी जाएगी। एलपीएससी लगाए बिना आस्थगित तरीके से बकाया राशि का परिसमापन डिस्कॉम को उनके वित्त में वृद्धि करने का समय देगा। साथ हीउत्पादक कंपनी को सुनिश्चित मासिक भुगतान से लाभ होगा जो अन्यथा उन्हें नहीं मिल रहा था। हालांकिडिस्कॉम द्वारा किस्त के भुगतान में देरी के मामले मेंविलंब भुगतान अधिभार संपूर्ण बकाया राशि पर देय होगाजिसे अन्यथा छूट दी गई थी।

   प्रस्तावित योजना के परिणामस्वरूपडिस्कॉम अगले 12 से 48 महीनों में एलपीएससी पर 19,833 करोड़ रुपये की राशि बचाएंगे।

            

          तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों जिन पर बड़ी बकाया राशि हैइस उपाय के परिणामस्वरूप प्रत्येक को 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी। उत्तर प्रदेश को लगभग 2,500 करोड़ रुपये जबकि आंध्र प्रदेशजम्मू और कश्मीरराजस्थान तथा तेलंगाना जैसे राज्यों को 1,100 करोड़ से 1,700 करोड़ रुपये की बचत होगी। डिस्कॉम द्वारा की जाने वाली बचत से आखिरकार खुदरा शुल्क में एलपीएससी के बोझ को कम करके बिजली उपभोक्ता को लाभ होगा।


        इस उपाय से बकाया का समय पर भुगतान होने की उम्मीद है जो एलपीएससी पर छोड़ी गई राशि की तुलना में उत्पादन कंपनियों के लिए अति महत्वपूर्ण है। साथ हीयह सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त उपाय किए जा रहे हैं कि डिस्कॉम नियमित आधार पर जेनकोस यानी उत्पादन कंपनियां अपने बकाया का भुगतान करेंअन्यथा जेनकोस द्वारा आपूर्ति कम हो जाएगी।

     विलंब भुगतान अधिभार (एलपीएससीएक डिस्कॉम द्वारा एक जनरेटिंग कंपनी को बेस रेट (एसबीआई की मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआरपर आंकी गईपर बकाये के भुगतान पर लगाया जाता है। एलपीएससी डिफॉल्ट के पहले महीने के लिए आधार दर पर डिफॉल्ट की अवधि और किसी भी समय आधार दर पर अधिकतम फीसदी के अधीन बाद के प्रत्येक महीने के लिए 0.5 फीसदी की वृद्धि के लिए लागू है।




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सोमवार, मई 23, 2022

महिला महाविद्यालय का नाम भक्त माता कर्मा करने की घोषणा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालोद के महिला महाविद्यालय का नामकरण भक्त माता कर्मा के नाम करने की घोषणा की






*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार*
 दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)
बालोद: 23/05/2022



बालोद में जिला स्तरीय कर्मा महोत्सव एवं भूमिपूजन समारोह में हुए शामिल

जिला साहू समाज के भवन के लिए दी 50 लाख रूपए की स्वीकृति 



प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित जिला स्तरीय कर्मा महोत्सव एवं भूमिपूजन समारोह में शामिल हुए। साहू समाज के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री का फूलमाला से उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भक्त माता कर्मा जंयती की बधाई और शुभकामनाएॅ दी। उन्होंने भक्त माता कर्मा उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भगवान के प्रति अटूट विश्वास, श्रद्धा और समर्पण है, तो मनोकामना जरूर पूरी होती है। माता कर्मा ने यह साबित किया था कि भक्त की श्रद्धा और भक्ति में यह शक्ति है कि भगवान को भी प्रकट होने पर विवश कर दे। मुख्यमंत्री ने इससे पहले भक्त माता कर्मा की छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने जिला साहू समाज के भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया और निर्माण कार्य के लिए 50 लाख रूपए स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने बालोद के महिला महाविद्यालय का नाम भक्त माता कर्मा के नाम पर किए जाने की घोषणा की। 
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने साहू समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कल पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री राजीव गॉधी की पुण्यतिथि पर प्रदेश के 26 लाख 68 हजार से अधिक किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों, पशुपालकों एवं स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 1804 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की गई।



      उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने न्याय योजना के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के सामाजिक और आर्थिक अधिकार को सुनिश्चित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत बालोद जिले के 01 लाख 35 हजार 896 किसानों के बैंक खाते में प्रथम किस्त की राशि 87 करोड़ 27 लाख 07 हजार 612 रूपए अंतरित की गई। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत बालोद जिले के 12 हजार 859 हितग्राहियों को 02 करोड़ 57 लाख 18 हजार रूपए अंतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के धान के समर्थन मूल्य के साथ-साथ लघु वनोपजों का भी समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। पहले 07 प्रकार के लघु वनोपजों की खरीदी की जाती थी अब 65 प्रकार के लघु वनोपजों की खरीदी की जा रही है। 



           जिले के प्रभारी मंत्री श्री उमेश पटेल और संजारी-बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने भी कार्यक्रम को संबोधित कर भक्त माता कर्मा जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएॅ दी। कार्यक्रम की समाप्ति पर मुख्यमंत्री को साहू समाज द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री संदीप साहू, छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष श्री टहल साहू, जिला साहू संघ के अध्यक्ष श्री सोमन लाल साहू सहित साहू समाज के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री विकास चोपड़ा, कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक श्री गोवर्धन राम ठाकुर, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। 












शनिवार, मई 21, 2022

हम अपने कार्यबल को 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर रहे हैं...

हम अपने कार्यबल को 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर रहे हैं।









*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार*
दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)

केंद्रीय शिक्षा,कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में ‘चुस्त कार्य संस्कृति के लिए रणनीतियाँ नए युग के रास्ते’ विषय पर आयोजित किए जा रहे 49वें आईएफटीडीओ विश्व सम्मेलन और प्रदर्शनी में समापन भाषण दिया।

इस अवसर पर श्री प्रधान ने समाज और अर्थव्‍यवस्‍था में एक प्रवर्तक के साथ-साथ एक व्‍यवधान कर्ता के रूप में प्रौद्योगिकी की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि तेजी से बदलती हुई दुनिया को देखते हुए हमें अपने कार्यबल को एक समग्र कौशल रणनीति के माध्यम से 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहिए।

क्षमता निर्माण के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में क्षमता निर्माणपर पूरा जोर दिया जा रहा है।उन्होंने क्षमता निर्माण में श्रेष्‍ठ प्रथाओं का अवलोकन करने और विभिन्न संस्थाओं के बीच तालमेल का सृजन करने में भारतीय क्षमता विकास आयोग की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। श्री प्रधान ने राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और शिक्षा तथा कौशल के बीच तालमेल स्‍थापित करने में इसके प्रोत्साहन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जहां एनईपी औपचारिक शिक्षा प्रणाली में 3 से 23 वर्ष की आयु के छात्रों को कवरकरती है, वहीं हमेंउनके लिए भी नए विचारों,कौशल,पुन:कौशल और अप-स्किलिंग के बारे में पथ प्रदर्शक रणनीतियों के साथ आगे आना चाहिए,जो औपचारिक शिक्षा का हिस्‍सा नहीं है।






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बुधवार, मई 18, 2022

दो किसानों के बीच हुई धान कटाई को लेकर गाली गलौज और हाथापाई थाने में हुआ मामला दर्ज...

दो किसानों के बीच हुई धान कटाई को लेकर गाली गलौज व हाथापाई थाने में हुआ मामला दर्ज...



*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार*
दैनिक हिंदी वेब मीडिया बालोद (छ.ग.)

15/05/2022




    

     ग्राम पंचायत भरनाभाट स्थित आश्रित ग्राम डुमरघुंचा में फिर से मामला गरमा गया है, बता दूं की टी.आई.नवीन बोरकर जी जबतक थे, देवरी थाने में मामला सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था, लेकिन जैसे ही बोरकर सर का बालोद तबादला हुआ, डुमरघुंचा में राजनीति का रुख फिर से विवादों की ओर मुड़ चुका है। शांति व्यवस्था के साथ–साथ न्यायपूर्ण व्यवहार के भी धनी है, नवीन बोरकर साहब।लोग उनका सहृदय सम्मान करते हैं। और लोगों के दिल में जगह बना चुके हैं। जैसे को तैसा कारवाई करने वाले दिल के धनी व्यक्ति है हमारे बोरकर सर।


      विभाग में टी.आई. का फेरबदल हुए मुस्किल से 15 दिन भी नहीं हुए होंगे, की फिर एक नया मारपीट का मामला ग्राम डुमरघुंचा का  आया है,मामला देवरी थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित ग्राम डूमर्घुंचा का है जन्हा दो पक्षों में जमकर गाली गलौज के साथ हाथापाई का है।
      ग्राम डूमरघुंचा के पंचायत भरनाभाट के उपसरपंच तिलक राम साहू निवासी ग्राम डुमरघुंचा और  निवासी किसान प्रदूमन साहू के बीच गाली गलौज वा हाथापाई हार्वेस्टर से धान कटाई के दौरान का  है। दोनों के बीच हार्वेस्टर लाने को लेकर विवाद वा अपशब्द कहे जाने के उपरांत उपसरपंच तिलक साहू निवासी ग्राम डूमर्घुंचा एवम दूसरा किसान पुत्र प्रदुमन स्वयं के हार्वेस्टर चालक के साथ धान कटाई का कार्य कर रहा था,साथ में  मनकी निवासी विकेश साहू के द्वारा फसल कटाई का करने के दौरान गांव के ही उपसरपंच तिलक साहू के द्वारा मां बहन की अभद्र गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ मुक्के से मारने का मामला सामने आया है।
जिसकी जांच पड़ताल के बाद देवरी थाने में मामले को पंजीबद्ध कर लिया गया है।

वहीं दूसरे पक्ष के आवेदक के तरफ से भी थाने की अपील दर्ज करवाया गया है जिसमें  तिलक साहू के बयानामानुसार,पुलिस थाना में मामले की जांच कर क्रमश:

अप.क्र.- 0/22, धारा 341, 294, 323, 506, 427, 34


के तहत पुलिस चौकी पिनकापर में मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है।

दूसरे प्रार्थी  उपसरपंच  तिलकराम डुमरघुचा ने अनावेदक के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि वह डुमरघुंचा का रहने वाला है। साथ में  खेती किसानी के अलावा ग्राम पंचायत भरनाभाट का उपसरपंच के पद पर पदस्थ है जोकि वह दिनांक 15.05.2022 के शाम 06.00 बजे के आसपास,धान सुख गया है या गिला है यह देखने के लिए अपने खेत जागेश्वर निषाद के धनहा खेत के आगे पहुंचा था तभी गांव के प्रदुमन साहू उनके दोस्त विकेश साहू जो की ग्राम मनकी का रहने वाला है दोनों ने एक राय होकर रास्ता रोककर मुझे माँ बहन की अश्लील गालिया दिया वा (***)तुम कौन होते हो किसके खेत देखने आ रहे हो साले दलाल और किसका धान कटवाओगे ..?हम लोग हार्वेस्टर वाले होकर धान नहीं कटा रहे है और तुम बाहर से हार्वेस्टर लाकर दलाली कर किसानों के धान कटवाते हो हम लोग हार्वेस्टर वाले होकर किसानो के धान नहीं काट रहे हैं ऐसा प्रदुमन साहू के द्वारा मेरे रास्ते रोककर हाथ में पकड़े डंडे से मुझे मारपीट किया,जिसके चलते बाये हाथ के हथेली तथा सीना में प्रदुमन के मारने से बायें हाथ की उगलिया में काफी चोटे आई हैं खून बह रहा हैं तथा दाहिने गाल तथा चेहरे तथा सीने में चोट आई हैं। मैंने मना किया तो प्रदुमन के दोस्त विकेश साहू जो मनकी के रहने वाला है उन्होंने भी हाथ मुक्का से मुझे मारपीट कर मां बहन की अश्लील गालिया देकर जान से मारने की धमकी दिये मारने के दौरान मेरा शर्ट फट गया है। हाथ व शरीर में काफी दर्द हो रहा है दोनों के द्वारा मुझे मां बहन की अश्लील गालिया दिया है जो सुनने में बुरा लगा जोकि घटना को गांव के कुलदीप, और गन्नू साहू ने देखा व सुना है। घटना के बाद मैं अपने घर डुमरघुचा आ गया था वहां पर प्रदुमन एवं उसके दोस्त मारने के लिए घर के बाहर आये थे, तब मैं डर के वजह से चौकी पिनकापार रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचना बताया जा रहा है।

     वहीं गवाहों वा दूसरे प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है की तिलक साहू को किसी ने डंडे से वार नहीं मारा है, डंडे से मारपीट करना बताना गलत है डंडे से मारपीट नही किया गया है बल्कि,डंडे को बाद में ले जाकर तिलक के द्वारा ही रखा गया है, जो की तिलक साहू के द्वारा पुलिस जांच से पहले झूठे मामले में फसाने के लिए रखा गया है। एवं हाथ को जबरदस्ती खुद से किसी चीज से काटकर झूठे मामले में फसाने की बात सामने आ रही है।

इसके पूर्व भी तिलक साहू के ऊपर दिनांक 12/09/2020 थाना डोंगरगांव में स्थित जंगल में जुहा खेलने के मामले  में  अपराधी पाया गया था एवं  कई बार झूठे f.i.r. करने के मामलों में कानूनन अपराधिक संलिप्तता देखी गई है। जोकि अपराधिक प्रवृति को दर्शाता है। ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की जरूरत है। ताकि ग्राम में  आंतरिक शांति बनी रहे...






तिलक साहू पिता गौकरण साहू उम्र 42 साल निवासी डुमरघुचा चौकी पिनकापार थाना देवरी जिला बालोद, घटना दिनांक 15.05.2022 के शाम 06.00 बजे करीबन घटना स्थल जागेश्वर निषाद के धनहा खेत ग्राम डुमरघुचा, सूचना दिनांक 15.05.2022 के रात्रि 08.30 बजे, नाम आरोपी-1. प्रदुमन साहू पिता होरी लाल साहू उम्र 27 साल साकिन ग्राम डुमरघुंचा चौकी पिनकापार,2 विकेश साहू पिता गोपाल साहू निवासी मनकी चौकी पिनकापार।

प्रधानमंत्री ने मोरबी में दीवार गिरने से हुई लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया पीड़ितों के लिए

प्रधानमंत्री ने मोरबी में दीवार गिरने से हुई लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया
पीड़ितों के लिए पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा की


*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार* 
दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)
18/05/2022






प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने गुजरात के मोरबी में दीवार गिरने से हुई लोगों की मौत पर गहरा दु:ख व्‍यक्‍त किया है। श्री मोदी ने गुजरात के मोरबी में दीवार गिरने की घटना के पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया;
"मोरबी में दीवार गिरने की दुःखद घटना हृदय विदारक है। दु:ख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय अधिकारी, प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।"
"मोरबी की घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को पीएमएनआरएफ से को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।





गुरुवार, मई 05, 2022

श्री अल्केश कुमार शर्मा ने इलेक्ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव का कार्यभार संभाला

श्री अल्केश कुमार शर्मा ने इलेक्ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव का कार्यभार संभाला



05 MAY 2022




श्री अल्केश कुमार शर्मा ने आज इलेक्ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव का कार्यभार संभाल लिया। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1990 बैच के केरल संवर्ग के अधिकारी हैं।







इसके पहले श्री अल्केश कुमार शर्मा ने केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय में अपर सचिव और सचिव के पदों पर काम किया है। इसके अलावा उन्हें अन्य दायित्व भी सौंपे गये थे। इस दौरान श्री शर्मा केंद्र सरकार के सभी अवसंरचना, आर्थिक, वित्तीय, उद्योग, कृषि और अन्य सम्बंधित मंत्रालयों का कामकाज देख रहे थे।

श्री शर्मा ने अक्टूबर 2015 से सितंबर 2019 तक नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड-एनआईसीडीसी (पहले डीएमआईसीडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंधक निदेशक के रूप में काम किया है। वे नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इंप्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) के सीईओ भी रह चुके हैं। औद्योगिक गलियारों का विकास केंद्र सरकार कर रही है। इन्हें वैश्विक निर्माण और निवेश गंतव्यों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो निवेश क्षेत्रों में स्थापित होंगे। इन क्षेत्रों को विश्वस्तरीय अवसंरचना तथा सक्षम नीति प्रारूप की सहायता मिलेगी। श्री शर्मा भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा स्थापित कार्यक्रम/परियोजना प्रबंधन के कार्यबल के सदस्य रह चुके हैं।

जब वे सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय में संयुक्त सचिव थे, तो उस समय उनके पास राष्ट्रीय राजमार्ग आयोजना, भू-अधिग्रहण, वन और पर्यावरण क्लियरंस, राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा एवं निगरानी, रेलवे, रक्षा और अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल, राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल और टोल नीति सम्बंधी सभी विषयों का दायित्व था। वे भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने सभी टोल केंद्रों पर फास्टैग प्रणाली को लागू किया था।

श्री शर्मा ने यूनाइटेड नेशन्‍स डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के साथ तीन वर्षों (2006-09) के लिये शहरी विकास और गरीबी उपशमन के राष्ट्रीय परियोजना निदेशक के तौर पर काम किया है।

केरल राज्य में श्री शर्मा ने सितंबर 2019 से मार्च 2021 तक कोच्चि मेट्रो रेल लि. के प्रबंध निदेशक और अपर मुख्य सचिव (विशेष परियोजना-अवसंरचना) तथा उद्योग के रूप में भी काम किया है। इस दौरान उन्होंने सेमी-हाई स्पीड रेल, विमानपत्तन, बंदरगाह, स्मार्ट सिटी, बहु-स्तरीय यातायात संकुल, अपशिष्ट से ऊर्जा परियोजना, कोच्चि-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे और केरल में औद्योगिक टाउनशिप तथा एकीकृत स्मार्ट विनिर्माता संकुलों से जुड़ी विशाल अवसंरचना परियोजनाओं के कार्यान्वयन की देखरेख की।

श्री शर्मा ने केरल पर्यटन विकास निगम, केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम, केरल खनिज एवं धातु लि., मलाबार सीमेंट लि. और केरल राज्य विद्युत विकास निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया है। वे केरल पर्यटन के निदेशक तथा उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन के सचिव भी रहे हैं।

श्री शर्मा ने केरल में सात वर्ष के अपने दो कार्यकालों के दौरान केरल पर्यटन को “गॉड्स ओन कंट्री” के रूप में बढ़ावा देने और उसकी ब्रैंडिंग करने में प्रमुख भूमिका निभाई थी।


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बुधवार, मई 04, 2022

प्रधानमंत्री ने आपदा अवरोधी अवसंरचना के चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित किया

प्रधानमंत्री ने आपदा अवरोधी अवसंरचना के चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित किया


*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार*
दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)
04 MAY 2022 10:28AM





“हम अगली पीढ़ी वाली अवसंरचना का निर्माण करके निर्धनतम और अत्यंत जोखिम वाले वर्गों की आवश्यकताओं को मद्देनजर रखते हुये उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिये अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं”

“लोगों को किसी भी अवसंरचना विकास गाथा के मर्म में होना चाहिये। भारत बिलकुल यही कर रहा है”

“अगर हम अवसंरचना को हालात का सामना करने लायक बनायेंगे, तो न केवल अपने लिये, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के लिये आपदाओं को रोक पायेंगे”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा अवरोधी अवसंरचना पर चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को आज वीडियो संदेश के माध्यम से सम्बोधित किया। सत्र को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री महामहिम स्कॉट मॉरिसन, घाना के राष्ट्रपति महामहिम नाना एडो डंकवा अकूफ़ो-एडो, जापान के प्रधानमंत्री महामहिम फूमिओ किशीदा और मैडागास्कर के राष्ट्रपति महामहिम आंद्रे निरिना राजोलिना ने भी सम्बोधित किया।

अपने वक्तव्य के आरंभ में ही प्रधानमंत्री मोदी ने उपस्थितजनों को सतत विकास लक्ष्यों के उस संकल्प की याद दिलाई कि कोई भी पीछे न छूटने पाये। उन्होंने कहा, “इसीलिये हम अगली पीढ़ी वाली अवसंरचना का निर्माण करके निर्धनतम और अत्यंत जोखिम वाले वर्गों की आवश्यकताओं को मद्देनजर रखते हुये उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिये अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना का मंतव्य जन और लोगों को समानता के आधार पर उच्च गुणवत्ता, भरोसेमंद और सतत सेवायें प्रदान करना होता है। उन्होंने कहा, “लोगों को किसी भी अवसंरचना विकास गाथा के मर्म में होना चाहिये। भारत बिलकुल यही कर रहा है।”

भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, बिजली, यातायात आदि-इत्यादि जैसे क्षेत्रों में बुनियादी सेवा के प्रावधान को लगातार बढ़ा रहा है, जिसके परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री ने कहा, “हम लोग बहुत स्पष्ट तरीके से जलवायु परिवर्तन का मुकाबला कर रहे हैं। यही कारण है कि हम कॉप-26 में अपने विकास प्रयासों के समानान्तर 2070 तक ‘नेट-ज़ीरो’ को हासिल करने के लिये संकल्पित हैं।”

प्रधानमंत्री ने मानव क्षमता के भरपूर उपयोग के लिये अवसंरचना के महत्त्व का उल्लेख किया और कहा कि अवसंरचना की क्षति पीढ़ियों तक चलती रहती है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे पास उपलब्ध आधुनिक प्रौद्योगिकी और ज्ञान के आधार पर क्या हम परिस्थितियों का सामना करने वाली अवसंरचना का निर्माण कर सकते हैं, जो सदैव कायम रहे?” उन्होंने कहा कि यही चुनौती सीडीआरई की रचना की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि गठबंधन का विस्तार हुआ है और उसने मूल्यवान योगदान किये हैं। उन्होंने कॉप-26 में शुरू की गई ‘इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रेजेलियंट आईलैंड स्टेट्स’ (अवरोधी द्वीपीय राज्यों के लिये अवसंरचना) पहल और पूरी दुनिया में 150 हवाई अड्डों के सम्बंध में ‘रेजेलियंट एयरपोर्ट्स’ (अवरोधी विमानपत्तन) पर सीडीआरआई के कामकाज का उल्लेख किया। श्री मोदी ने बताया कि सीडीआरआई के नेतृत्व में चलने वाले ‘ग्लोबल असेसमेंट ऑफ डिजास्टर रेसेलियंस ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम्स’ (अवसंरचना सम्बंधी प्रणालियों के आपदा अवरोधी स्थिति का वैश्विक मूल्यांकन) से वैश्विक ज्ञान के सृजन में मदद मिलेगी, जो बहुत मूल्यवान होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अपने भविष्य को हर परिस्थिति के लायक बनाना है, तो हमें ‘रेजेलियंट इंफ्रस्ट्रक्चर ट्रांजिशन’ (हर परिस्थिति के योग्य अवसंरचना परिवर्तन) के लिये काम करना होगा। हर परिस्थिति में काम करने के लायक अवसंरचना को हमारे विस्तृत समायोजक प्रयासों के केंद्र में भी रखा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर हम अवसंरचना को हालात का सामना करने लायक बनायेंगे, तो न केवल अपने लिये, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के लिये आपदाओं को रोक पायेंगे।”
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