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नेशनल लोक अदालत में 2.39 लाख से अधिक मामलों का निपटारा, 1639 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सेटलमेंट
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फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्ति का मामला स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार *दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)* 14/07/2...
शनिवार, मार्च 14, 2026
खैरागढ़ में नेशनल लोक अदालत: 41,355 मामलों का हुआ निराकरण, 3.15 करोड़ रुपये से अधिक की अवार्ड राशि पारित
सोमवार, मार्च 09, 2026
महिला दिवस पर पेंड्रीकला में जागरूकता शिविर, महिलाओं को बताए गए कानूनी अधिकार
महिला दिवस पर पेंड्रीकला में जागरूकता शिविर, महिलाओं को बताए गए कानूनी अधिकार
शनिवार, मार्च 07, 2026
छत्तीसगढ़ में ‘सूखे नशे’ को लेकर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ में ‘सूखे नशे’ को लेकर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने राज्य की Bharatiya Janata Party सरकार पर ‘सूखे नशे’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में भाजपा नेता Vinayak Tamrakar के कथित खेत में अफ़ीम की खेती की जा रही है।
बघेल ने कहा कि विधानसभा में उन्होंने इस मुद्दे पर गृहमंत्री Vijay Sharma से सवाल पूछे थे, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित नशा तस्कर Navya Malik का नाम सरकार की सूची से गायब कर दिया गया,जबकि प्रदेश में उसका नाम चर्चित रहा है।पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि नव्या मलिक का नाम सूची से किसने हटाया, वह कितनी बार विदेश गई और किन लोगों के साथ गई। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि विनायक ताम्रकार के किन मंत्रियों और अधिकारियों से संबंध हैं तथा वह कितनी बार मुख्यमंत्री निवास पहुंचे हैं।बघेल ने राज्य के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और गृहमंत्री विजय शर्मा से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की है।फिलहाल इन आरोपों पर राज्य सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शुक्रवार, फ़रवरी 27, 2026
केसीजी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4 मवेशियों सहित 2 पशु तस्कर गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
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गुरुवार, फ़रवरी 26, 2026
नियम विरुद्ध तंबाकू उत्पाद बेचने वाले 13 दुकानदारों पर कोटपा एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई
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बुधवार, फ़रवरी 25, 2026
असहाय महिला को मिलेगा न्याय का सहारा: घरेलू हिंसा व भरण पोषण केश में निशुल्क अधिवक्ता नियुक्ती हेतु आवेदन प्रेषित
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मंगलवार, फ़रवरी 24, 2026
मैजिक वाहन मानसिक विक्षिप्त युवक को ठोकर मारते के बाद 2 अन्य बाइक सवारों को मारी टक्कर
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सोमवार, फ़रवरी 16, 2026
खैरागढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दिनदहाड़े सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार,3.95 लाख की संपत्ति बरामद
खैरागढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दिनदहाड़े सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार,3.95 लाख की संपत्ति बरामद
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में दिन के समय सूने मकानों को निशाना बनाने वाले आदतन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना खैरागढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, नगदी रकम तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल लगभग 3,95,500 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना छुईखदान में अपराध क्रमांक 45/2026 धारा 305-ए बीएनएस तथा चौकी जालबांधा (थाना खैरागढ़) में अपराध क्रमांक 47/2026 धारा 331(4), 305-ए बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। पहली घटना में प्रार्थी सुनील साहू,निवासी उदयपुर (थाना छुईखदान) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 फरवरी 2026 की शाम खेत से लौटने पर उसके घर के दो कमरों के दरवाजे खुले मिले और आलमारी टूटी हुई थी। आलमारी में रखे 30 हजार रुपये नगद एवं सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए थे।दूसरी घटना ग्राम बफरा की है, जहां प्रार्थी रेखचंद साहू परिवार सहित शादी में गया था। 14 फरवरी 2026 को लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और नगदी व आभूषण चोरी पाए गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए केसीजी पुलिस द्वारा थाना छुईखदान,चौकी जालबांधा एवं साइबर सेल खैरागढ़ की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर चोरी के पैटर्न का विश्लेषण किया तथा पुराने आरोपियों और संदिग्धों की जानकारी जुटाई।जांच के दौरान सूचना मिली कि ग्राम करमतरा निवासी ओमप्रकाश साहू जेल से छूटने के बाद संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। पुलिस ने ओमप्रकाश साहू (19 वर्ष) एवं दिलेश्वर साहू (23 वर्ष), दोनों निवासी करमतरा चौकी जालबांधा,थाना खैरागढ़,को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने उदयपुर, बफरा तथा अन्य स्थानों पर सूने मकानों में चोरी करना स्वीकार किया।आरोपियों की निशानदेही पर उनके घर से सोने के 12 लॉकेट,एक जोड़ी टॉप्स,एक जोड़ी ईयरिंग, चांदी का लच्छा,आठ जोड़ी पायल,करधन,बिछिया,कड़ा तथा 5 हजार रुपये नगद बरामद किए गए। साथ ही दिलेश्वर साहू के कब्जे से 1500 रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और सब्बल जब्त किया गया। कुल बरामद संपत्ति की कीमत लगभग 3,95,500 रुपये आंकी गई है।पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधिवत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि घर को सूना छोड़ने से पहले पड़ोसियों को सूचना दें तथा संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
सोमवार, फ़रवरी 09, 2026
सामाजिक बहिष्कार से परेशान व्यक्ति ने उठाया आत्मघाती कदम, प्रशासन पर उठे सवाल
सामाजिक बहिष्कार से परेशान व्यक्ति ने उठाया आत्मघाती कदम, प्रशासन पर उठे सवाल
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सोमवार 09/02/2026
गंडई | कटंगी गांव में कथित सामाजिक बहिष्कार और मनमाने तरीके से अर्थदंड वसूला जाता है।शीतलाल के अनुसार, गांव के कथित समाज प्रमुख सुद्धू निर्मलकर, राजू रजक, निरंजन रजक, कुलेश्वर रजक, विजय रजक और तुलसु निर्मलकर गांव में अपनी मनमानी व्यवस्था चलाते हैं। जब उसने इस अवैध व्यवस्था का विरोध किया, तो उसे सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि गांव में उसके बच्चों को अन्य बच्चों से बात करने से रोका जाता है, कोई उससे संवाद नहीं करता और किसी भी सामाजिक बैठक में शामिल होने पर उसे भगा दिया जाता है। इस तरह के लगातार मानसिक उत्पीड़न से वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया।शीतलाल ने बताया कि उसने इस मामले की शिकायत गंडई थाना, कलेक्टर कार्यालय, गृह मंत्रालय और मानवाधिकार आयोग तक कई बार की,लेकिन कहीं भी उसकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उपेक्षा से हताश होकर उसने आत्महत्या करने जैसा कठोर कदम उठाने का प्रयास किया। घटना के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक संवेदनशीलता और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक बहिष्कार जैसी कुप्रथा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायतों की पुनः समीक्षा की संभावना जताई है। वही सामाजिक बहिष्कार के बाद प्रशासनिक कार्रवाई न होने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि समाज में इसी तरह के मामले को अनदेखा करने के कारण ही धर्मांतरण जैसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। तथा अपने ही समाज के प्रति नकारात्मकता बढ़ती जाती है। ऐसे मामलों पर प्रशासन को तात्कालिक कार्रवाई करनी चाहिए साथ ही सामाजिक बहिस्कार के खिलाफ समाज में हो रहे मनमानी पर रोक लगाने हेतु तत्काल कानून बननी चाहिए।कुछ लोगों ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सामाजिक बहिष्कार के बाद प्रशासनिक कार्रवाई न होने के कारण धर्मांतरण की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती रही है। कई जगहों से सामने आए मामलों ने प्रशासन की भूमिका और सामाजिक समरसता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बहुत से गांवों में समुदाय विशेष से जुड़े लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया गया। बहिष्कार के दौरान प्रभावित परिवारों को सामाजिक गतिविधियों से अलग कर दिया गया,यहां तक कि उन्हें गांव के संसाधनों और सहयोग से भी वंचित रखा गया,एवं कई जगह तो धर्मांतरण के आरोप में शासकीय योजनाओं के लाभ से भी वंचित कर दिया गया था,
*ऐसे हालात में कई परिवारों ने वैकल्पिक सामाजिक सुरक्षा और समर्थन की तलाश में धर्म परिवर्तन का रास्ता अपनाया*
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते पीड़ित परिवारों पर मानसिक और सामाजिक दबाव बढ़ता गया, जिससे धर्मांतरण जैसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप करे, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और पीड़ितों को सुरक्षा व विश्वास दिया जाए, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। वहीं कुछ संगठनों ने इसे सामाजिक ताने-बाने के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल कटंगी गांव के मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक इस सामाजिक बहिष्कार के संबंध में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आने वाले दिनों में जांच या कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।






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