छत्तीसगढ़ विधानसभा के 2025 के शीतकालीन सत्र में डिप्टी सीएम अरुण साव से पूछे गए मुख्य सवाल और उनके जवाब
छत्तीसगढ़/विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर 2025 से चल रहा है,जिसमें सदन में बहुप्रतीक्षित बहस और सवाल-जवाब का दौर देखने को मिल रहा है।इस सत्र में भाजपा सरकार के कार्यों,विकास योजनाओं और प्रशासनिक मुद्दों पर विपक्ष ने कई बार घेराव किया है, खासकर डिप्टी सीएम एवं सार्वजनिक कार्य विभाग मंत्री अरुण साव पर है।सरकार ने 805 करोड़ रुपये के प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा कराने की तैयारी की है जिसमें वित्तीय दिशा और प्राथमिकताओं पर डीसीएम अरुण साव समेत अन्य मंत्रियों ने अपनी भूमिका तय की है।विधानसभा में सबसे तीखी बहस जल जीवन मिशन (JJM) की कार्यप्रणाली पर हुई। विपक्ष के विधायक धरमलाल कौशिक ने अरुण साव से प्रश्न पूछा कि:
क्या आपने अधूरे कामों के लिए ठेकेदार को पूरा भुगतान किया?
ठेकेदार का काम पूरा नहीं होने के बावजूद भुगतान क्यों किया गया?
क्या ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?
इस पर अरुण साव ने जवाब दिया कि सभी भुगतान तकनीकी मूल्यांकन के आधार पर किए गए हैं और जितना काम हुआ है, उतना ही भुगतान न्यायसंगत रूप से किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि फर्जी दस्तावेजों के उपयोग के आरोपों पर कार्रवाई की जा रही है और कुछ ठेकेदारों पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।अरुण साव का जवाब विपक्ष को संतोषजनक नहीं लगा,जिससे सदन में काफी हंगामा और नारेबाजी हुई। विपक्ष का आरोप रहा कि सरकार विकास योजनाओं में पारदर्शिता नहीं रख रही और जनता के संसाधनों का उचित उपयोग नहीं कर रही है।अरुण साव ने सत्र से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान दिया था कि सरकार ने धान खरीदी और किसानों के लिए अनेक योजनाओं पर काम किया है, लेकिन विपक्ष ने इस दावे पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य भुगतान और खरीदी में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अरुण साव ने इसे भ्रामक प्रचार कहा।सत्र के दौरान सदन में शिक्षकों की कमी, बेरोजगारी भत्ता, सड़क की खराब स्थिति, राशन कार्ड वितरण की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे, जिनका सामना सरकार से किया गया। विपक्ष ने कहा कि कुछ मामलों में सरकार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए हैं,जिससे आम लोगों की नाराज़गी बढ़ी है।

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