बालोद एस.पी. ने दिए थे वाहन जांच करने के निर्देश...संजारी चौकी वाले काटने लगे चालान
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रविवार–28/04/2024
समय (4.30–5.00)
वेब पोर्टल के एडिटर के साथ की बदसलूकी,धमकी देकर करवाया वीडियो डिलीट।
बालोद/डौंडीलोहारा/संजारी–मतदान हुए अभी मात्र दो ही दिन हुए हैं, और संजारी पुलिस चौकी की दबंगई शुरू हो गई। मामला है डौंडीलोहारा क्षेत्र के संजारी चौकी का, वहां पदस्थ S.I. के द्वारा वाहन सवारो को रोककर चालान काटा जा रहा था, इसी बीच वेब पोर्टल के एडिटर डीकेश साहू का भी दोपहिया वाहन रोका गया। संजारी चौकी प्रभारी एवं उनके कुछ और स्टाफ के द्वारा अन्य वाहनों को भी रोककर चालान काटा जा रहा था, किसी से 300 किसी से 500 और किसी को फ्री में भी जाने दिया जा रहा था। एडिटर डीकेश साहू को शंका होने पर तत्काल अपने पास रखे एंड्रॉयड मोबाइल से वीडियो बनाकर रख लिया गया।
कुछ समय बाद सड़क में देखते ही देखते तकरीबन 30 से 40 वाहनों को रोककर चालान काटा गया, वा एक मेटाडोर जो बाराती गाड़ी था जिसे भी रोका गया। और पैसे की बात करने लगे, पैसे की बात चल ही रही थी की इतने में डीकेश साहू ने टोककर पूछा जिनके पास पैसे नहीं है तो कैसे करेंगे..? गाड़ी जप्ति करोगे या चालान काटोगे..?
इतने में चौकी प्रभारी गुर्राते हुए बोले गाड़ी जपति क्यों करूंगा..? मैं बोला हूं क्या गाड़ी जप्ती करूंगा करके..?
प्रभारी से बात हो ही रही थी की इतने में चौकी के अन्य स्टाफ जो दूर में खड़े होकर वाहनों को रोकवा रहे थे। अन्य और थाना के सदस्य जिनसे 2013 से परिचित हूं, सब देख रहे थे। नजदीक आने के बाद डीकेश साहू से मोबाइल दिखाने के लिए दबाओ बनाने लगे मना करने पर धमकाने लगे, कहने लगे वीडियो क्यों बनाए हो...? डिलीट करो अभी डिलीट करो।पुलिस के साथ कॉम्प्रोमाइज करना चाहिए। हम आपकी हेल्प करते हैं और तुम लोग वीडियो बनाकर पुलिस को बदनाम करना चाहते हो...?मेरा पूछना था की जबरदस्ती वाहनों को रोकवाकर चालान के नाम पे पैसे उगाही करना।ये कहां तक सही है..?
वीडियो डिलीट नहीं करने पर जबरदस्ती डराने–धमकाने लगे।अंत में मजबूरन मोबाइल से वीडियो डिलीट करवाया गया। अकेले देखकर डीकेश साहू को धमकी देकर वीडियो डिलीट करवा दिया गया। पुलिस वाले अपने बल का काफी हदों तक गलत फायदा उठा रहै है। जिसकी सूचना तत्काल एसपी को कॉल के माध्यम से दिया गया। जिला मुख्यालय बालोद मे कॉल करने पर पता चला की एस.पी. साहब ने वाहन जांच के निर्देश दिए थे, चालान दिखाकर राशि वसूलने के लिए नहीं कहे थे। साथ ही बालोद एस.पी. के द्वारा यह भी कहा गया की किसी के मोबाइल जबरदस्ती लेना सही नहीं है। धमकी देकर वीडियो डिलीट करवाना किसी भी तरीके से सही नही है।
चालान काटने के दौरान ऐसे पुलिस वाले के द्वारा धमकी दिया गया जिन्होंने वर्ष 2013 में चौकी पिंनकापार में पदस्थ रहते हुए,मारपीट के मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाने गए प्रार्थी को डरा–धमकाकर गाली गलौज करके वापस घर भेज दिया था, जिस पर मामला दर्ज नहीं किया गया था। 2013 के बाद आज 2024 आ गया लेकिन पुलिस विभाग में पदस्थ जवान विकाश के रवैये में कोई परिवर्तन नहीं आया अगर पुलिस प्रशासन इस पर कार्रवाई नहीं करती है तो फिर प्रार्थी के द्वारा मामले को उच्च न्यायालय में लिखित रूप से जनहित याचिका दायर करवाया जाएगा।

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