नर्मदा धाम पुण्यभूमि, माता नर्मदा के आर्शीवाद से जनता की सेवा करने का मिला मौका
मुख्यमंत्री के नर्मदाघाम पहुंचने पर ग्रामवासियों ग्रामवासियों ने उन्हें उपहार स्वरुप माता नर्मदा माता का चित्र भेंट किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यहां दूसरी बार आए हैं। माता नर्मदा और जनता के आशीर्वाद से उन्हें जन सेवा करने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा धाम पुण्यभूमि है। यहां साधु संत साधना करते है। मुख्यमंत्री ने यहां चातुर्मास कर रहे स्वामी आत्मानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया और कहा कि स्वामी जी जब तक प्रदेश में रहेंगे उन्हें राज्य अतिथि का दर्जा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब साधु संत किसी स्थान पर कठोर साधना करते हैं तो वह भूमि और अधिक महत्वपूर्ण और पुण्य बन जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी को स्वामी जी का प्रवचन सुनने का अवसर मिला इससे इस स्थान का महत्व और अधिक बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई साधु संत चातुर्मास करते हैं तो उनसे आशीर्वाद लेने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने माता नर्मदा धाम के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए पुल-पुलिया और सड़क बनाए जाने की सहमति दी।
अईरसा पकवान से तौलकर ग्रामीणों ने किया स्वागत, किसान गोपीचंद के घर किया पारंपरिक भोजन
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को ग्राम जेवरतला के ग्रामीणों ने अईरसा पकवान से तौलकर उनका आत्मीय स्वागत किया। ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति व पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के इस भाव से अभिभूत होकर उन्हें इस स्नेह के लिए धन्यवाद दिया। जेवरतला में किसान श्री गोपीचंद हिरवानी के घर मुख्यमंत्री ने दोपहर का भोजन किया। श्री गोपीचंद ने मुख्यमंत्री को अपने खेत में उगाए धान का चावल परोसा। ठेठरी रोटी के साथ मुख्यमंत्री ने किसान श्री गोपीचंद के घर उड़द दाल और कोचई के पत्ते से बनी इड़हर की सब्जी का स्वाद लिया। साथ ही सिलबट्टे पर पिसी टमाटर की चटनी, मूनगा भाजी भी किसान श्री गोपीचंद ने मुख्यमंत्री को खिलाया। मुख्यमंत्री ने श्री गोपीचंद हिरवानी के परिवारजनों से भेंट की और स्वादिष्ट भोजन के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने श्री गोपीचन्द के घर के बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और बच्चों को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने श्री गोपीचन्द के घर की महिलाओं को साड़ी व बच्चों को वस्त्र भेंट किये।


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