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गुरुवार, मई 26, 2022

*चुनाव के पहले ही तैयारी में जुट चुकी है पार्टियां*

जहां एक ओर किसानों को अपनी फसल की चिंता सता रही

तो वहीं दूसरी तरफ सभी पार्टियों की तैयारियां जोरों पर चल रही है।


चुनाव को लेकर तैयारियो में अभी से जुटी पार्टियां



*स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार*
दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)
बालोद 26/05/2022



बालोद/डौंडीलोहारा जहां एक तरफ किसानों को रवि फसल कटाई के बाद बरसात की फसल बुवाई को लेकर चिंता और उत्सुकता देखने को मिल रही, वैसे ही उत्सुकता राजनीतिक दलों व संगठनों में भी ऐसे ही कुछ तैयारियां शुरू होते दिख रही है। बीजेपी कांग्रेस के साथ साथ–साथ आम आदमी पार्टी ने भी छत्तीसगढ़ में अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। पार्टी के सदस्यों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री गिरधर भुआर्या ने बताया की इस बार बीजेपी की अभी से तैयारियां जोरों पर चल रही है, पिछले बार की तरह इस बार बीजेपी ने कुछ नए कांसेप्ट भी विरोधी पार्टीयों से निपटने वा उनको मैदान से बाहर निकाल फेंकने के लिए कमर कश चुकी है। बालोद जिले के डौंडी लोहारा क्षेत्र व खेरथा बूथ  युवा मोर्चा के वर्तमान अध्यक्ष श्री  भूआर्य ने बताया की पार्टी के सभी क्षेत्रों के सदस्यों वा कार्यकर्ताओं से रूबरू होकर उनसे भेंट वार्ता कर सबको अपने बूथ एवम मतदाता सूची के आधार पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति एवम सदस्यता हेतु समूह में कार्य सौंप दिया गया है, जो की आने वाले चुनाओ की तैयारी में खरे उतराव के संकेत है। साथ ही भुआर्या ने कहा आने वाले चुनाओ में छत्तीशगढ़ भ्रष्टाचार वा गोबर की सरकार को जरूर मात दिलाएगी। और बीजेपी बालोद जिले में अपना परचम लहराएगी। उनका ज्यादातर गुस्सा  धर्मांतरण को लेकर फूटा जिस पर उन्होंने कहा हमारा देश धर्म निरपेक्ष राज्य है जिसका विरोधी पार्टियां गलत फायदा उठा रही है और धर्मांतरण को बढ़ावा दे रही है जिसके खिलाफ पूरा छत्तीसगढ़ प्रदेश की पार्टी और जनता खुलकर विरोध करती है भ्रष्टाचार युक्त विरोधी पार्टी चाहती है की हमारी हिंदू भाई बहन धर्मांतरण करे और मतदाता की संख्या में हेरा फेरी हो। 




दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने भी छत्तीसगढ़ राज्य में चल रही तैयारी को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय दीपक आर्दे ने बताया कि चुनाओ की तैयारियां वा  कार्यकर्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया एवम सदस्यता को लेकर तैयारियां चल ही रही है। जो की उनका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य का गढ़ बनाए जाने के साथ छत्तीसगढ़ में चल रहे अवैध धंधों जिनमें जंगल की कटाई,शराब तस्करी एवम स्कूलों में बच्चों के साथ हो रही छलावा वा जुमलेबाजी के खिलाफ अपनी पार्टी के सदस्यों के हौसले बुलंद करते हुए बताया की बालोद जिले में अब की बार भ्रष्टाचार पर होगी खुलकर वार आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी कमर कश ली है। अब की बार झाड़ू चलेगी।


वही छत्तीसगढ़ की एक गैर राजनीतिक संगठन जो आजकल खूब सुर्खियां बटोर रही है एवम आए दिन हो रहे छत्तीसगढ़ के मूल निवासियो के साथ छलावा के खिलाफ छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने भी सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला है,और छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ हो रहे अन्याय के लिए जंग छेड़ा है। क्रांति सेना का बड़ा अनोखा अंदाज देखने को मिलता है जब भी हल्ला बोला है छत्तीसगढ़ के मूल नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाया है  हमेशा से ही छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के हित में तत्परता दिखाया है। 

ऐसे ही ताजे मामले बीते दिनों गुंदरदेही क्षेत्र में देखने को मिला है। जहां क्रांति सेना ने बालोद बंद को लेकर जमकर प्रदर्शन किया एवम संगठन का झूमा झटकी गुण्डरदेही क्षेत्र में देखने को मिला।


          सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कहा है कि प्रदर्शनों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक रूप माना जा सकता है जब तक कि वे सार्वजनिक आदेश का उल्लंघन न करें। हालांकि अदालत ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में हड़ताल करने से इनकार कर दिया। अनुच्छेद 19 भारत के किसी भी निवासी को हड़ताल, बंद या चक्का जाम आयोजित करने की स्पष्ट अनुमति नहीं देता है। ये रूप या तो अहिंसक या शांतिपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन मूल अधिकारों की गारंटी नहीं है।भाषण और अभिव्यक्ति शांतिपूर्वक और बिना हथियारों के इकट्ठा हों संघ या संघ बनाना यहां तक ​​कि बीआर अंबेडकर ने भी कहा था कि इस शर्त के तहत सत्याग्रह का विचार शून्य होगा, "जहां संवैधानिक तरीके खुले हैं, वहां इन असंवैधानिक तरीकों का कोई औचित्य नहीं हो सकता।"

















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