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पटवारी सलाखों के पीछे, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता 'पोषण' अब भी फरार: पुलिस सरगर्मी से कर रही तलाश

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रविवार, जुलाई 12, 2026

पटवारी सलाखों के पीछे, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता 'पोषण' अब भी फरार: पुलिस सरगर्मी से कर रही तलाश

पटवारी सलाखों के पीछे, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता 'पोषण' अब भी फरार: पुलिस सरगर्मी से कर रही तलाश

स्वतंत्र समाचार स्वतंत्र विचार,
दैनिक हिंदी वेब मीडिया (छ.ग.)
रविवार 12 जुलाई 2026 

मुजगहन जमीन फर्जीवाड़ा मामला: फर्जी वसीयत के सहारे ढाई एकड़ जमीन हड़पने का खेल।
‎पटवारी जेल में: तत्कालीन हल्का पटवारी राजीव कुमार श्रीरंगे को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
‎फरार आरोपी: मुख्य आरोपी पोषण साहू पुलिस की गिरफ्त से बाहर, देवरी पुलिस दे रही दबिश।

‎बालोद (छत्तीसगढ़)। ‎ग्राम मुजगहन में मृत व्यक्ति के नाम पर 20 साल पुराना फर्जी स्टांप पेपर और नकली वसीयतनामा तैयार कर करोड़ों की जमीन हड़पने वाले मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। इस हाईप्रोफाइल जालसाजी मामले में संलिप्त तत्कालीन हल्का पटवारी राजीव कुमार श्रीरंगे को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है,लेकिन इस पूरे खेल का मुख्य मास्टरमाइंड और कलयुगी रिश्तेदार पोषण साहू (पिता तेज लाल साहू) मामला दर्ज होने के बाद से ही लगातार फरार चल रहा है। देवरी थाना पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। ‎यह पूरा मामला बालोद जिले के देवरी थाना अंतर्गत ग्राम मुजगहन का है। शिकायतकर्ता महेंद्र कुमार साहू (56 वर्ष) के दिवंगत दादा रेवाराम साहू की खसरा नंबर 937 में स्थित लगभग ढाई एकड़ (1.09 हेक्टेयर) जमीन थी। साल 2006 में बनी एक पंजीकृत वसीयत के अनुसार, इस जमीन पर महेंद्र कुमार साहू,मनीष साहू, मोहन दास उर्फ राजू और आरोपी पोषण साहू का संयुक्त मालिकाना हक था। लेकिन साल 2023 में आरोपी पोषण साहू की नीयत खराब हो गई। उसने तत्कालीन हल्का पटवारी राजीव कुमार श्रीरंगे (हल्का नंबर 03) के साथ मिलकर साल 2003 का एक ₹50 का फर्जी स्टांप पेपर तैयार किया, जिसमें यह दिखाया गया कि मृतक रेवाराम ने पूरी जमीन अकेले पोषण साहू के नाम कर दी है। फर्जी वसीयत के सहारे पटवारी ने बिना किसी सक्षम राजस्व न्यायालय के आदेश के और बिना अन्य सह-खातेदारों को कोई नोटिस दिए, रिकॉर्ड से उनके नाम गायब कर दिए। मई 2023 में जमीन पूरी तरह पोषण साहू के नाम चढ़ गई। इसके ठीक बाद, आरोपी पोषण ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए 28 दिसंबर 2023 को इस पूरी जमीन को नागेंद्र कुमार बघेल नाम के व्यक्ति को बेच दिया और रजिस्ट्री भी करा दी। जब साल 2024 में पीड़ित महेंद्र कुमार साहू जमीन का बंटवारा कराने पहुंचे,तब इस महाफर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। डौंडीलोहारा एसडीएम की विस्तृत जांच में पटवारी की गंभीर लापरवाही और नियम विरुद्ध कार्य उजागर हुआ। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद न्यायालय के हस्तक्षेप से देवरी थाने में आरोपी पोषण साहू और तत्कालीन पटवारी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) और 34 (समान आशय) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। देवरी थाना पुलिस के अनुसार, मामले के एक आरोपी पटवारी को 26 जून को ही न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। वहीं, सह-आरोपी पोषण साहू गिरफ्तारी के डर से फरार है और अपना मोबाइल फोन बंद कर ठिकाने बदल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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