172 ग्राम गांजा के साथ भगवा धोतीधारी आरोपी गिरफ्तार, क्षेत्र में नशे के कारोबारियों की फिर सक्रियता चिंता का विषय
जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गातापार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने ग्राम मुढीपार में दबिश देकर आरोपी पिरीत राम साहू (52 वर्ष) के कब्जे से 172 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 1700 रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से एक सफेद प्लास्टिक बोरी में हरे रंग की पॉलिथीन में रखा गांजा बरामद हुआ। मामले में अपराध क्रमांक 28/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 20 (बी) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया,जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में केसीजी पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार जारी
जहां एक ओर पुलिस प्रशासन लगातार अवैध नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खैरागढ़ क्षेत्र में नशे के कारोबारियों की निडरता अब भी बनी हुई है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी कुछ लोग अवैध रूप से गांजा और शराब की बिक्री को अपना “मुक्त व्यवसाय” बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई के बाद ये कारोबारी कुछ दिनों तक अपना धंधा बंद रखते हैं,लेकिन जैसे ही माहौल सामान्य होता है, वे फिर से उसी अवैध कारोबार में सक्रिय हो जाते हैं। होली के बाद फिर सक्रिय हुए अवैध शराब कारोबारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा अवैध शराब बेचने वालों पर लगातार कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद कई स्थानों पर अवैध बिक्री फिर से शुरू होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर भरदाकला और बढ़ाईटोला से लगातार शिकायत मिल रही है कि कुछ लोग स्कूटी की डिक्की में शराब लाकर गांवों में ऊंचे दामों पर बेचते हैं। इसके अलावा कुछ लोग खुलेआम अवैध शराब बिक्री में भी लिप्त बताए जा रहे हैं। गांजा तस्करी के भी मिल रहे संकेत सूत्रों के अनुसार बढ़ाईटोला और बलदेवपुर जैसे गांवों में खैरागढ़ से गांजा लाकर ग्रामीणों को बेचने का सिलसिला भी जारी है। इससे क्षेत्र में नशे का जाल फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है, जो युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। लगातार कार्रवाई के बावजूद नशे के कारोबारियों की पुनः सक्रियता प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त और स्थायी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।

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